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बीकानेर,वन्दे गंगा, जल संरक्षण जन अभियान और कर्मभूमि से मातृ भूमि अभियान के तहत जिला स्तरीय सीएसआर कार्यशाला का आयोजन गुरुवार को जिला परिषद सभागार में किया गया। कार्यशाला में जिले के उद्यमियों, व्यापार संघ के प्रतिनिधियों और कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के जिला स्तरीय सदस्यों ने भागीदारी निभाई।

जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र की महाप्रबंधक मंजू नैण गोदारा ने बताया कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की पहल पर 25 मई से 5 जून तक प्रदेश भर में वंदे गंगा, जल संरक्षण जन अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत जल संरक्षण एवं संचय, वाटर रिचार्ज और पौधारोपण जैसे कार्य करने के साथ इनके प्रति जागरुकता के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि जिले के उद्यमी और सीएसआर कंपनियां भी इसमें भागीदारी निभाएं।

कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के जिला नोडल अधिकारी और वरिष्ठ भू-जल वैज्ञानिक डाॅ. राजेन्द्र कुमार बंशीवाल ने अभियान के उद्देश्य के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में भूजल का स्तर निरंत गिरता जा रहा है। इसका दोहन रोकने के साथ भूजल संसाधनों का प्रबंधन एवं प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के तहत राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत में रिचार्ज शाफ्ट का निर्माण भामाशाहों और प्रवासी राजस्थानियों के माध्यम से क्राउड फंडिंग और सीएसआर के माध्यम से किया जाना है। बंशीवाल ने बताया कि अब तक जिले में 1 हजार 531 संरचनाओं के निर्माण के लिए स्थान का चयन कर लिया गया है। इस दौरान भूजल में सुधार से संबंधित चर्चा की गई। जिले में गत वर्ष 2025-26 में 125 जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण के लक्ष्य के विरूद्ध 213 जल संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है। इस वर्ष भी 125 जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य दिया गया है।

जलग्रहण के अधीक्षण अभियंता महेश कुमार अजाड़ीवाल ने वंदे गंगा, जल संरक्षण जन अभियान के तहत की जाने वाली गतिविधियों की विभागवार जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत प्रतिदिन विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिना उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति आमजन में चेतना जागृत करना है।

जिला उद्योग संघ के उपाध्यक्ष अशोक सुराणा ने कहा कि बीकानेर के भामाशाह और उद्यमी, परम्परागत रूप से जल संरक्षण और पौधारोपण का कार्य करते आए हैं। उन्होंने अभियान के तहत पूर्ण भागीदारी का विश्वास दिलाया। एनएलसी के प्रतिनिधि ने बताया कि सीएआर के तहत गांव में तालाब का निर्माण किया जा रहा है। जल संरक्षण एवं रिचार्ज से जुड़ कार्यों के लिए जिला परिषद के साथ एमओयू किया गया है। जिला उद्योग संघ की ओर से अभियान के तहत एक हजार पौधे लगाए जाने की बात कही।

कार्यषाला में भू-जल विभाग की अधिषाषी अभियन्ता गोमती विष्नोई, शंकरलाल सोनी, सहायक अभियंता मुकेश आहूजा,  श्याम सुंदर सोनी, वीरेन्द्र किराडू, पारस डागा, सावन पारीक,  जितेन्द्र कुमार, डाॅ रविन्द्र वर्मा, कंचन पाण्डया, मनोज कुमार परिहार तथा ताराचन्द जावा उपस्थित रहे।

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