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बीकानेर,आयकर विभाग, रेंज-1, बीकानेर द्वारा आयकर भवन, रानी बाज़ार, बीकानेर में नवीन आयकर अधिनियम, 2025 के प्रावधानों एवं करदाता सुविधाओं के संबंध में एक जागरूकता एवं प्रचार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन श्री ललित कुमार बिश्नोई , अपर आयकर आयुक्त, रेंज-1, बीकानेर के निर्देशन में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवीन आयकर अधिनियम, 2025 के प्रमुख प्रावधानों, करदाता हितैषी सुधारों एवं विभाग द्वारा संचालित “कर साथी” पहल के संबंध में करदाताओं एवं विभिन्न हितधारकों को जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान नए आयकर अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

शीश राम सैनी ,सहायक आयुक्त आयकर ने मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए बताया कि नवीन आयकर अधिनियम, 2025 का उद्देश्य कर कानूनों को सरल, पारदर्शी एवं अधिक सुगम बनाना है। उन्होंने बताया कि नए अधिनियम में भाषा को अधिक सरल बनाया गया है, अनुपालन प्रक्रियाओं को आसान किया गया है तथा डिजिटल माध्यमों को बढ़ावा देकर करदाताओं के लिए सुविधाजनक व्यवस्था विकसित की गई है। इसके अतिरिक्त, कर विवादों में कमी लाने, त्वरित निस्तारण एवं स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करने पर भी विशेष बल दिया गया है। उन्होंने कर साथी पहल के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यह आयकर विभाग की एक करदाता सहायता एवं जागरूकता पहल है, जिसका उद्देश्य करदाताओं को समय पर मार्गदर्शन, सहायता एवं आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है। “कर साथी” के माध्यम से करदाता आयकर संबंधी प्रक्रियाओं, रिटर्न दाखिल करने, ई-फाइलिंग एवं अन्य कर संबंधी विषयों पर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस पहल से करदाताओं एवं विभाग के मध्य बेहतर संवाद एवं विश्वास को बढ़ावा मिलेगा।

इस आउटरीच कार्यक्रम में टैक्स बार एसोसिएशन के सदस्य, जिला उद्योग संघ के सदस्य, व्यापार मंडल के सदस्य एवं ICAI के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उपस्थित सदस्यों द्वारा कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता करते हुए विभिन्न प्रश्न पूछे गए, जिनका समाधान विभागीय अधिकारियों द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में आयकर अधिकारी, हनुमान प्रसाद शर्मा एंवम पूनम कुमारी सहित आयकर विभाग के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भी उपस्थिति रही। आयकर विभाग द्वारा इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से करदाताओं एवं विभिन्न हितधारकों के साथ संवाद एवं सहभागिता को निरंतर बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।

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