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बीकानेर,बीकानेर मंडल रेल प्रबन्धक कार्यालय के सभागार में बुधवार (15.04.26) “भारत रत्न व संविधान के जनक” डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की 135 वीं जयंती मनायी गयी l
इस अवसर पर मंडल रेल प्रबन्धक श्री गौरव गोविल ने बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की, एवं बताया कि डॉ.अम्बेडकर का 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था l उन्होंने बताया कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि वे एक विचार, एक चेतना, और एक आंदोलन थे। उनका जीवन संघर्ष, ज्ञान और मानवता का जीवंत उदाहरण है। वे भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार भी थे।
बाबा साहब ने विषम परिस्थितियों के बावजूद दुनियां के श्रेष्ठ विश्वविद्यालयों (कोलम्बिया विश्वविद्यालय व लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स) में उच्च शिक्षा प्राप्त की।
मंडल रेल प्रबन्धक महोदय ने बताया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने “शिक्षित बनो,संगठित रहो व संघर्ष करो” का नारा दिया हमें इसे प्रेरणा का स्रोत मानते हुए इस महान व्यक्तित्व द्वारा बताए मार्ग पर चलना चाहिए। देश को सामंतवाद से समाजवाद की ओर ले जाने में तथा गरीबी के उत्थान में डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने सामाजिक अन्याय के विरूद्ध महिलाओं को भी समाज की मुख्य धारा में लाने का काम किया। इस अवसर ऑल इंडिया एससीएसटी रेल एम्पलाइज एसोसिएशन के पदाधिकारी मंडल अध्यक्ष अजय कुमार,मंडल सचिव मोहन लाल बुनकर, NWREU- सचिव गणेश वशिष्ठ सहित अनेक रेलकर्मियों ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर इस अवसर ऑल इंडिया एससीएसटी रेल एम्पलाइज एसोसिएशन के सचिव मोहनलाल बुनकर ने बताया कि बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर के अनुसार “शिक्षा शेरनी का दूध है” जो इसको पीता है वो दहाड़ता है अर्थात अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाता है l
इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक गौरव गोविल,अपर मंडल रेल प्रबंधक रूपेश कुमार, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (विद्युत) आदित्य लेघा, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर संकेत एवं दूरसंचार रण सिंह गोदारा, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी शैलेष चौधरी, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबन्धक जयप्रकाश, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक भूपेश यादव, सहित रेलवे के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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