













बीकानेर,वेटरनरी विश्वविद्यालय की 37वीं प्रबंध मण्डल की बैठक शनिवार को कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास की अध्यक्षता में कुलगुरु सचिवालय में आयोजित की गयी। बैठक की प्रारंभ में कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने सभी का स्वागत किया तथा विश्वविद्यालय की शिक्षण, अनुसंधान व प्रसार गतिविधियों से अवगत कराया। बैठक में ऑनलाइन जुड़े विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय किसानों, पशुपालकों, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के हितार्थ कार्य करें ऐसी विश्वविद्यालय की प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में प्रबंध मंडल की गत बैठक की पालना रिपोर्ट का अनुमोदन किया गया। इसके अतिरिक्त 31वीं अकादमिक परिषद्, 10वीं प्रसार शिक्षा परिषद् एवं गत स्नातकोत्तर परिषद् की कार्यवाही रिपोर्ट का अनुमोदन किया गया। बैठक के दौरान लोक भवन के निर्देश पर वेटरनरी विश्वविद्यालय, बीकानेर में रिक्त अशैक्षणिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर के माध्यम से करवाये जाने हेतु राजुवास अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया। बैठक में बोम के सदस्यों द्वारा विश्वविद्यालय के रिक्त पदों को शीघ्र भरने के लिए राज्य सरकार के स्तर पर और अधिक प्रयासों पर जोर दिया गया ताकि विश्वविद्यालय की और अधिक गतिविधियां सुचारू रूप से चल सके। वेटरनरी महाविद्यालय, जोधपुर में फैकल्टी की उपलब्धता के आधार पर पी.जी. पाठयक्रम प्रारम्भ करने की बोम ने सहमति प्रदान की। इस अकादमिक वर्ष से वेटरनरी यू.जी. पाठ्यक्रम में नीट प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्रवेश दिये जाने की बोम ने मुहर लगाई। पी.जी. एवं पी.एच.डी. पाठ्यक्रम में इस वर्ष प्री-पी.जी. प्रवेश परीक्षा 12 जुलाई को आयोजित किया जाने को भी बोम ने अपनी सहमति दी। बैठक में विश्वविद्यालय द्वारा पशुओं की विभिन्न प्रजाति विशेष मेलों, प्रदर्शनियों व प्रतियोगिताओं के आयोजन पर चर्चा की गई। साथ ही राजस्थान के दक्षिण क्षेत्र के घुमन्तु व अर्ध घुमंतू पशुपालकों के महत्व व चुनौतियों पर कार्यशाला के आयोजन पर भी चर्चा हुई। कुलसचिव पंकज शर्मा ने बोम में एजेण्डा का प्रस्तुतीकरण किया। निदेशक प्रसार शिक्षा प्रो. राजेश कुमार धूड़िया ने बैठक में विश्वविद्यालय की गतिविधियों का पावर पाँईट प्रजेन्टेशन दिया। बैठक में प्रबंध मण्डल के सदस्य डॉ. गोविन्द सहाय शुक्ला (कुलगुरु, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर), जगमाल सिंह रायका (बीकानेर), करण सिंह राजपुरोहित (पाली), मधु कुमावत (सीकर), डॉ. इन्द्रजीत सिंह, डॉ. कुलदीप चौधरी (अतिरिक्त निदेशक, पशुपालन विभाग), धीरज जोशी (कोष अधिकारी, बीकानेर), ऋषभ गोदारा (सहायक प्रबंधक उरमूल, बीकानेर), डॉ. सुधीर भार्गव (वरिष्ठ पशुचिकित्सा अधिकारी, राजस्थान सरकार), डॉ. लवदीप शर्मा (एफ.डी.ओ. मत्स्य विभाग), प्रो. गोविन्द सहाय गौतम (निदेशक प्रसार शिक्षा, रूवास, जयपुर), प्रो. बी.एन. श्रृंगी (अधिष्ठाता एवं संकायाध्यक्ष), विनोद कुमार यादव (वित्त नियंत्रक) उपस्थित रहे।
