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बीकानेर,बीकानेर में कैफे की आड़ में कैबिन और स्लीपिंग कैबिन धड़ल्ले से उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। कोटगेट पुलिस ने मॉर्डन मार्केट, बोथरा कॉम्प्लेक्स के पास एक ऐसे ही कैफे का पर्दाफाश किया है। कोटगेट थानाधिकारी धीरेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि हथाई नाम के कैफे में रेड की। यहां बेसमेंट में चल रहे कैफे में बाहर तो सबकुछ साफ सुथरा दिखाया जा रहा था लेकिन रिसेप्शन के पीछे चोर दरवाजे के अंदर घिनौना खेल चल रहा था। धीरेन्द्र सिंह ने बताया कि हथाई नाम के इस कैफे के रिसेप्शन के पीछे फ्रिज था, फ्रिज की आड़ में छिपे हुए एक दरवाजे को खोला तो अंदर सबकुछ अलग था। इस छिपे हुए हिस्से में स्लीपिंग कैबिन बने हुए थे। पुलिस ने यहां से चार लड़कों को गिरफ्तार कर लिया। जिनमें कैफे मालिक बंगला नगर निवासी इमरान खान, उसका पीए साहिल, नागौर निवासी सोहेल व एक अन्य शामिल हैं। नागौर निवासी सोहेल बीकानेर में रहने वाली एक लड़की को लेकर यहां आया था। वहीं चार लड़कियों को समझाइश के बाद छोड़ दिया गया। अपनी गर्लफ्रेंड के साथ अय्याशी करने आते हैं अच्छे अच्छे घरों के लड़के: अब यह तो साफ है कि चाय, कॉफी या नाश्ता ही करना हो तो किसी भी रेस्टोरेंट में किया जा सकता है। इन सबके लिए सीक्रेट कैबिन या स्लिपिंग कैबिन की आवश्यकता तो होती नहीं। दरअसल, कैबिन उन्हीं कपल्स के लिए होते हैं जो रोमेंस का इरादा लेकर आते हैं। ऐसे कैबिन कैफे में आप स्कूल-कॉलेज के छात्र छात्राओं को भी देख सकते हैं। यहां हर श्रेणी के लड़के लड़कियां मिल जाएंगे। चौंकाने वाली बात यह है कि कैबिन अथवा स्लिपिंग कैबिन की सुविधा उपलब्ध करवाने वाले कैफे लड़के लड़कियों की आईडी तक नहीं देखते। यहां भी स्पा की तरह नाबालिग लड़के लड़कियां अय्याशी करने आते हैं।‌ दरअसल, ऐसे कैबिन के ग्राहक अधिकतर छात्र छात्राएं हैं। इंस्टीट्यूट या घूमने का कहकर घर से निकलने वाले लड़के लड़कियां अक्सर ऐसे कैबिन में मिलते हैं। सवाल यह है कि आख़िर कैफे और ऐसे लड़के लड़कियों पर समाज का कोई नियंत्रण क्यूं नहीं है? ब्लैकमेलिंग की संभावनाएं: बता दें कि कैफे जैसे सार्वजनिक स्थान में बने कैबिन में कपल्स आपत्तिजनक स्थिति में होते हैं। उनके वीडियो बनाए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त उनकी प्राइवेसी की कहानी लीक करने की धमकी देकर ब्लैकमेल भी किया जा सकता है।

 

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