













बीकानेर,बीकानेर वीर चक्र विजेता रिटायर्ड ब्रिगेडियर जगमाल सिंह राठौड़ 88 साल के थे। कल निधन हो गया था आज उनके निवास स्थान से उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई जिसमें सेना जवान सहित शहर के कई गणमान्य लोग शामिल हुए। ब्रिगेडियर जगमाल सिंह उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर के ताहु थे। उनकी अंतिम यात्रा में मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ भी शामिल हुए और पार्थिव देव को कंधा दिया। ब्रिगेडियर जगमाल सिंह राठौड़ ने वर्ष 1961 में उन्हें भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त हुआ। सैन्य सेवा के दौरान उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण मोचों पर अपनी वीरता और नेतृत्व सीमा क्षमता का परिचय दिया। वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में बीकानेर क्षेत्र में अदम्य साहस का प्रदर्शन करते हुए उन्होंने दुश्मन के विरुद्ध सफल अभियान संचालित किया उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया था। इसके साथ ही विशिष्ट सेवा मेडल से भी नवाजे गए। ब्रिगेडियर जगमाल सिंह राठौड़ ने सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक कार्यों में पुस्तक लेखन को अपना जीवन समर्पित कर रखा था। राठौड़ ने ‘एक गोली एक दुश्मन’ जैसी कई प्रेरणादायक पुस्तकें लिखीं। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने जीवन जनसेवा और सामाजिक कार्यों को समर्पित किया। उनके निधन से प्रदेश ने एक वीर सैनिक, खो दिया है। ब्रिगेडियर जगमाल सिंह राठौर के भतीजे और राजस्थान सरकार में मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने अपने अपने ताहु के चले जाने से दुःख व्यक्त किया उन्होंने कहा कि जगमाल सिंह जी 65 और 71 की लड़ाई में भाग लिया। देश की सेवा करके आज वह परलोक सिधार गए जब कोई अपना जाता है तो दुख तो होता ही है पर इस बात की खुशी भी है उन्होंने अपना जीवन परिवार की परंपरा हमारा पूरा परिवार देशभक्ति में रहा है। चाए दादा से लेकर मेरे पिताजी जी और बाबोसा सा सभी सेना में रहे अलग-अलग युद्ध लड़े हैं भारत के लिए और भारत को सुरक्षित रखने के लिए अपना जीवन कुर्बान किया है। इस बात की खुशी है कि जीवन सार्थक रहा हम सभी की यही प्रार्थना है कि भगवान उनको अपना आशीर्वाद प्रदान करें और परिवार देशभक्ति में लगा रहे। ब्रिगेडियर जगमाल सिंह राठौड़ के निधन पर अनेक गणमान्य नागरिकों,पूर्व सैनिकों,सामाजिक संगठनों तथा आमजन ने उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है।
