













बीकानेर,उर्वरकों के संतुलित उपयोग, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन पर कृषि विज्ञान केंद्र लूणकरणसर द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में उर्वरकों के संतुलित उपयोग, प्रबंधन तथा फसलों में उर्वरक उपयोग दक्षता बढ़ाने के उपायों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. आर. के. शिवरान ने कहा कि फसलों में रासायनिक उर्वरकों का असंतुलित उपयोग न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति को कम करता है, बल्कि उत्पादन लागत भी बढ़ाता है इससे पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरक प्रयोग करने की सलाह दी।
कार्यक्रम में केंद्र के मृदा वैज्ञानिक भगवत सिंह खेरावत ने उर्वरक उपयोग दक्षता बढ़ाने के व्यावहारिक तरीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जैविक खाद, हरी खाद एवं रासायनिक उर्वरकों के समन्वित उपयोग पर विशेष जोर दिया तथा बताया कि सही समय पर, सही मात्रा में तथा सही विधि से उर्वरक प्रयोग करने से किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में 60 प्रतिभागियों ने भाग लिया, सभी प्रतिभागियों ने आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी ली।
