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बीकानेर,राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (महात्मा गांधी नरेगा) ने भीषण गर्मी को देखते हुए मनरेगा कार्यस्थलों पर श्रमिकों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में आयुक्त, ईजीएस द्वारा सभी जिला कार्यक्रम समन्वयकों, जिला कलेक्टरों एवं संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी कर कार्यस्थलों पर श्रमिक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है।

जारी निर्देशों के अनुसार महात्मा गांधी नरेगा अधिनियम 2005 के तहत प्रत्येक कार्यस्थल पर श्रमिकों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना कार्यकारी एजेंसी की जिम्मेदारी है। विशेष रूप से गर्मी के मौसम में श्रमिकों को राहत देने के लिए कार्य अवधि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्धारित की जाएगी।

निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई श्रमिक या श्रमिक समूह निर्धारित समय से पहले अपने कार्य को पूरा कर लेता है, तो उसे अनावश्यक रूप से कार्यस्थल पर नहीं रोका जाएगा। मेट द्वारा मस्टररोल में कार्य पूर्णता दर्ज करने के बाद श्रमिक कार्यस्थल छोड़ सकता है।

इसके अलावा कार्यस्थलों पर स्वच्छ पेयजल, शौचालय, छाया, बैठने की व्यवस्था, छाछ, लस्सी, नींबू पानी एवं शरबत जैसी सुविधाएं भामाशाहों के सहयोग से उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे। श्रमिकों के विश्राम हेतु पर्याप्त छाया की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएगी।

प्राथमिक उपचार बॉक्स में आवश्यक दवाइयां, संसाधन तथा इलेक्ट्रोल/ग्लूकोज जैसी सामग्री उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।

यदि कार्यस्थल पर 5 वर्ष से कम आयु के 5 या अधिक बच्चे महिलाओं के साथ आते हैं, तो उनकी देखभाल के लिए एक महिला मजदूर की नियुक्ति की जाएगी।

विभाग ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अधिनियम के प्रावधानों एवं राज्य सरकार के समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित कर श्रमिकों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

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