








श्रीडूंगरगढ़,बीकानेर,सामाजिक यथार्थ एवं लोक-संवेदना के कथाकार श्याम जांगिड़ को उनके कथा संग्रह ‘नेम-घरम’ पर इस वर्ष का चुन्नीलाल सोमानी राजस्थानी कथा पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार के अन्तर्गत उन्हें इकतीस हजार रुपये की राशि एवं प्रशस्ति पत्र समर्पित किया जाएगा।
पुरस्कार समिति के अध्यक्ष ताराचंद इन्दौरिया के अनुसार राजस्थानी भाषा के उत्थान के लिए इनलैण्ड सोमानी ग्रुप सदैव प्रयासरत रहता है। ट्रस्ट लोकतांत्रिक तरीके से पुरस्कार का चयन लेखकों से कथा कृतियां मंगवा कर करता है तथा आई हुए पुस्तकों का सम्पूर्ण मूल्य प्रत्येक कथाकार को प्रदान करता है।
पुरस्कार समिति के संयोजक डॉ. चेतन स्वामी ने बताया कि श्याम जांगिड़ राजस्थानी एवं हिन्दी भाषा के लब्ध प्रतिष्ठित कथाकार हैं। राजस्थानी में उनकी चालीस से अधिक कहानियां प्रकाशित हैं। उनकी कहानी ‘एक सती री आखिरी परकमा’ एक मनोवैज्ञानिक कहानी है, जिसके अनेक भाषाओं में अनुवाद प्रकाशित हुए हैं। उनकी कहानियों में कथ्य की सुंदर बुनगट रहती है, वहीं वे घटनाओं को विश्वसनीयता से प्रस्तुत करते हैं, उनका शिल्प मनभावन है।
समिति के सदस्य विजय महर्षि ने बताया कि पुरस्कार समारोह रविवार को प्रातः ग्यारह बजे राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति के प्रांगण में होगा। विशिष्ट अतिथि डॉ. मदन सैनी, हरि मोहन सारस्वत, रवि पुरोहित रहेंगे, वहीं कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष प्रसिद्ध उद्योगपति लक्ष्मीनारायण सोमानी होंगे एवं अध्यक्षता राजस्थानी भाषा के वरिष्ठ लेखक श्याम महर्षि करेंगे। कार्यकम का संयोजन भगवती पारीक ‘मनु’ करेंगी। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों साहित्य प्रेमी भाग लेंगे।
