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बीकानेर,बीकानेर स्थित प्राचीन केसरिया हनुमान मंदिर के 82वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य रामकथा महोत्सव आज श्रद्धा, भक्ति और उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कथा के अंतिम दिन मुख्य यजमान के रूप में निधि गुप्ता एवं  दिनेश गुप्ता ने पूजा-अर्चना कर धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया।
कथा के अंतिम दिन विभीषण शरणागति, राम सेतु निर्माण, रामेश्वरम स्थापना, श्रीराम-रावण युद्ध, भगवान श्रीराम का पुनः अयोध्या आगमन, श्रीराम राजतिलक तथा राम राज्य के आदर्श स्वरूप का भावपूर्ण वर्णन किया गया। इन प्रसंगों को सुनकर श्रद्धालु भक्ति रस में डूब गए और पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
कथा वाचन कर रहे पंडित केशव शुक्ला ने प्रभु श्रीराम की लीलाओं का अत्यंत सुंदर और मार्मिक वर्णन किया। विभीषण शरणागति प्रसंग में प्रभु की करुणा, राम सेतु निर्माण में श्रद्धा की शक्ति, रावण युद्ध में धर्म की विजय तथा श्रीराम राजतिलक में आदर्श शासन व्यवस्था का संदेश दिया गया। राम राज्य के वर्णन ने श्रद्धालुओं को सत्य, न्याय और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
कथा के समापन अवसर पर कथा में विशेष सहयोग देने वाले कलाकारों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। मंदिर समिति द्वारा तबला वादक विकास, ऑर्गन वादक सोनू , गायक पंडित उत्कृष्ट तथा सरस्वती आचार्य का साफा, माल्यार्पण एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। इन कलाकारों ने प्रतिदिन अपने मधुर संगीत, भजनों और वादन से कथा को भक्ति रस से सराबोर किया।
इस अवसर पर गूंजती भजन की मधुर पंक्तियां “श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में, देख लो मेरे दिल के नग़ीने में” सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। भजन के साथ उपस्थित भक्तजन झूम उठे और पूरा मंदिर परिसर राममय वातावरण में डूब गया।
रामकथा के आखिरी दिन सभी कलाकारों को भावभीनी विदाई दी गई। कथा सुनने आए सभी भक्तों ने कलाकारों पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान वातावरण अत्यंत भावुक हो गया और श्रद्धालुओं ने कलाकारों के योगदान की मुक्त कंठ से सराहना की।
कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने कहा कि इन कलाकारों की भक्ति भावना और संगीत साधना ने कथा को और अधिक जीवंत बना दिया। भजनों, वाद्य यंत्रों और मधुर गायन से पूरे आयोजन में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अंजनी कुमार शुक्ल ने बताया कि मंदिर के 82वें स्थापना दिवस पर आयोजित यह रामकथा महोत्सव अत्यंत सफल एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं, कलाकारों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने बताया कि आगामी 11 मई को सहस्त्र घट अभिषेक का भव्य आयोजन किया जाएगा, जो दोपहर 1:00 बजे से प्रारंभ होगा। इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। मंदिर समिति ने सभी भक्तजनों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया है।

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