बीकानेर ,श्रीडूंगरगढ़ के भोजास गांव में एक सांड के साथ क्रूरता का व्यवहार करने का मामला सामने आया है। गांव में सांड की आँखे फोड़ने की अमानवीयता जैसा मामला भोजास गांव में देखने को मिला। इसके बाद गुस्साए युवा सेरुणा थाने पहुंचे व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। युवाओं ने थानाधिकारी को पत्र सौंपते हुए गोवंश को प्रताड़ित करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। जम्भेश्वर पर्यावरण एवं जीवरक्षा के श्रीडूंगरगढ़ संस्थाध्यक्ष कैलाश विश्नोई सहित युवा सांड को बेनिसर चिकित्सालय लेकर गए जहां से जांच में डॉक्टरों ने 90 प्रतिशत आंखे चले जाना बताया। सांड को नागौर पशु चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। नागौर में डॉक्टरों ने बताया कि सांड के अंधे होने का कारण जहर या हाई वाल्ट करंट लगाने से गई है। गांव के मुकनाराम मेघवाल, श्रवण सिंह राजपुरोहित, मदनसिंह राजपुरोहित, तारासिंह, शिवकुमार ने बताया कि कुछ किसान अपनी फसल को सांड से बचाने के लालच में सांड पर ऐसी क्रूरता बरती गई। कैलाश विश्नोई ने घटना की निंदा करते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।