बीकानेर: दिनांक भाजपा देहात कार्यालय समतानगर में आज भाजपा बीकानेर देहात एवं शहर द्वारा संयुक्त प्रेस हुई जिसमें भाजपा देहात जिलाध्यक्ष ताराचंद सारस्वत भाजपा शहर जिलाध्यक्ष अखिलेश प्रताप सिंह व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सत्यप्रकाश आचार्य ने संयुक्त रूप से कहा कि रविवार को सुबह 11 बजे पदमपुर के गणेशम रिसोर्ट में भाजपा जिला कार्यसमिति (जिला श्रीगंगानगर) द्वारा एक बैठक रखी गयी थी। इस बैठक का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा चलाये जा रहे 18 से 44 वर्ष के मुफ्त covid-19 वैक्सीनेशन अभियान का प्रचार प्रसार व आगामी कार्यक्रमों की तैयारी के लिए जिले के चुनिंदा जनप्रतिनिधियों व वरिष्ठ पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया था। बैठक की सूचना पूर्व ही प्रशासन व पुलिस अधिकारियों को दे दी गयी थी। Covid गाइडलाइन की पालना करते हुए बैठक शुरू करने की तैयारी की जा रही थी। इतने में कुछ कांग्रेस व कामरेड के कार्यकर्ताओं ने उपद्रवियों के साथ मिलकर हमारे आमंत्रित प्रतिनिधियों जिनमें श्री माधो राम चौधरी (प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा व संभाग प्रभारी), श्री बिहारी लाल जी बिश्नोई (विधायक एंव श्रीगंगानगर जिला प्रभारी), श्री राम प्रताप कासनियां (विधायक सूरतगढ़), श्रीमती सन्तोष बावरी (विधायक अनूपगढ़), श्रीमती चेष्टा सरदाना (महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष), श्रीमति राजकी बाई नायक, श्रीमती पूजा बावरी, श्रीमति विनीता आहूजा (प्रदेश) उपाध्यक्ष-महिला मोर्चा) को रास्ते में रोका गया और इन्हे बंधक बनाया गया। यहाँ तक महिलाओं के साथ अभद्रता की गयी। पुलिस की उपस्थिति में भारतीय जनता पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं के साथ अश्लीलता की तमाम हदें पार कर दी गयी। किसानों के नाम पर कांग्रेस व कामरेड के गुंडों ने जिस प्रकार का तांडव फैलाया उससे अनेकों महिलाओं को चोट लगी कई महिलाओं के फ्रैक्चर हुए। अनेकों महिलाये भगदड़ में बेहोश होकर गिर पड़ी। एक महिला कार्यकर्ता श्रीमती रजनी बाई नायक और श्रीमती पूजा बावरी के कपडे तक फाड़ दिए गए और इनके साथ अश्लीलता की गयी। श्रीमती चेष्टा सरदाना (महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष) के तो इतनी गंभीर चोट लगी के उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा जो आज भी हस्पताल में ही है। भारतीय लोकतंत्र में प्रजातांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार है जिसमे काले झंडे दिखाना, नारे लगाना, विरोध करना, और भी कई तरीकों से हर इंसान को अपनी बात कहने का अधिकार है परन्तु इस तरह की गुंडागर्दी और अश्लीलता के साथ किया गया व्यवहार हमें ये सोचने पर मजबूर कर देता है कि आखिर ये कांग्रेस सरकार इतनी नीचे कैसे गिर सकती है। जब इनके कार्यकर्ता हमारी बहन बेटियों का सम्मान नहीं कर सकते तो हमारा राज्य को कैसे सुरक्षित रख सकेंगे। राजस्थान में कानून व्यवस्था पूर्ण रूप से ध्वस्त एंव चौपट हो चुकी है। दलित अत्याचार, महिला बलात्कार, मानव तस्करी जैसे मामलों में राजस्थान देश भर में नेशनल क्राइम रिपोर्ट के अनुसार प्रथम स्थान पर है जो अपने आप में बेहद शर्मनाक है। आज से दो वर्ष पूर्व गहलोत सरकार “अब होगा न्याय” के नारे के साथ सत्ता में आयी थी लेकिन दो वर्ष में ही जनता पूछने लगी की “कब होगा न्याय” आम जनता की उम्मीदे सरकार से टूट चुकी है और इस सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई हक़ नहीं है।