













बीकानेर, बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में विश्व स्तर पर आयोजित गृहे गृहे गायत्री यज्ञ अभियान में 24 लाख से अधिक घरों में गायत्री परिजनों द्वारा शुक्रवार को गायत्री यज्ञ किये गये।
गायत्री शक्तिपीठ बीकानेर ट्रस्टी व मीडिया प्रभारी देवेन्द्र सारस्वत ने बताया कि बुद्ध पूर्णिमा के पावन पर्व पर लोक मंगल एवं विश्व शांति के निमित्त अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में वैश्विक स्तर पर एक दिवसीय गृहे गृहे गायत्री अभियान चलाया गया जिसमें 24 लाख घरों में गायत्री यज्ञ करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए सभी गायत्री शक्तिपीठ, गायत्री चेतना केन्द्रों तथा गायत्री परिजनों द्वारा घर-घर जाकर गायत्री यज्ञ करवाने के लिए निर्देश दिये गये। सोशियल मीडिया, यूट्यूब से सीधा प्रसारण तथा जूम ऐप के माध्यम से भी ओनलाइन जुड़कर घर पर रहते हुए परिजनों द्वारा भी हर्षोल्लास के साथ बढ़चढ़कर हिस्सा लिया गया। बीकानेर जिले से भी शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी सैंकड़ों परिजनों ने इस महाअभियान में सहभागिता निभाते हुए गायत्री मंत्रों से लोकमंगल व विश्व शांति के लिए आहुतियां लगाई गई। गायत्री परिवार प्रबंध ट्रस्टी पवन कुमार ओझा एवं जिला संयोजक मुकेश व्यास ने सामूहिक रूप से कहा कि गायत्री यज्ञ करने वालों का कभी पतन नहीं होता है। जो तपता है वही निखरता है। गृहे गृहे गायत्री अभियान में गायत्री मंत्र के वैज्ञानिक प्रभाव को सहजता से अनुभूत करवाने तथा लोकमंगल वैश्विक शांति की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया। बड़े बड़े यज्ञों का सहारा न लेकर घर पर रहते हुए खोपरे में बत्ती या कपूर रखकर जलाते हुए थोड़ी सी पतली समिधा में हवन सामग्री अथवा घी खांड मिलाकर ही गायत्री मंत्र की 24 आहुतियां लगाई गई। जिसमें स्थानीय शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों सहित वैश्विक स्तर 24 लाख से अधिक घरों में यह अभियान के सफलतापूर्वक आयोजित हुआ। बीकानेर शहर में अविनाश गोयल, डाॅ सोनाली सक्सेना, ललिता शर्मा, भारत भूषण गुप्ता, शशांक गंगल, करनीदान चौधरी, प्रवीण तंवर, हरिसिंह गौड़, डाॅ उमाकांत गुप्त, सतीश तंवर, धनंजय सारस्वत, राधेश्याम नामा, भरतसिंह पड़िहार, मधुबाला शर्मा, ज्योति सोनी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में इंजीनियर पंकज गोयल, भत्तमाल सारस्वत लूनकरनसर, गायत्री पूरी, दिनेश जस्सू व पंकज जोशी नोखा, सुभाष सारस्वत दंतौर, काशी शर्मा खाजुवाला, सोहनलाल प्रजापत व जितेन्द्र टाक श्रीडुंगरगढ, रामलाल बामनियां श्रीकोलायत सहित गायत्री परिजनों ने गृहे गृहे गायत्री यज्ञ अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
