













बीकानेर,कोलायत,बीकानेर जिले में सरकारी कर्मचारियों की कार्यशैली और समयबद्धता को लेकर मिल रही शिकायतों पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। श्री कोलायत के एडवोकेट दलीप सिंह राजपुरोहित की शिकायत को आधार बनाते हुए प्रशासनिक सुधार विभाग की राज्य स्तरीय टीम ने कोलायत उपखंड सहित जिले के विभिन्न राजकीय कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया, जिसमें बड़े स्तर पर लापरवाही और अनुशासनहीनता उजागर हुई है।
कोलायत उपखंड की शिकायत बनी कार्रवाई का आधार:
विदित रहे कि एडवोकेट दलीप सिंह राजपुरोहित ने विभाग को साक्ष्यों सहित शिकायत प्रेषित की थी कि कोलायत स्थित उप पंजीयक कार्यालय और राजस्व तहसील के अधिकारी व कर्मचारी अक्सर अपने मुख्यालय से गायब रहते हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कर्मचारी महीने में 15 दिन से अधिक समय तक अपने निर्धारित पोस्टिंग क्षेत्र से बाहर रहते हैं, जिससे दूर-दराज से आने वाले किसानों और आमजन को बैरंग लौटना पड़ता है।
पूरे जिले में एक साथ बड़ी कार्रवाई:
प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा शिकायत के निस्तारण हेतु गठित विशेष निरीक्षण दल ने न केवल कोलायत, बल्कि पूरे जिले के कार्यालयों की कार्यप्रणाली को रडार पर लिया।
कोलायत उपखंड में निरीक्षण: टीम ने कोलायत के संबंधित कार्यालयों में रिकॉर्ड और उपस्थिति पंजिका की जांच की। पूर्व में प्राप्त शिकायतों के आधार पर कर्मचारियों की लोकेशन और कार्यस्थल पर उनकी मौजूदगी का मिलान किया गया।
श्रीडूंगरगढ़ और अन्य क्षेत्रों में स्थिति: निरीक्षण के दौरान श्रीडूंगरगढ़ उपखंड में स्थिति और भी गंभीर पाई गई। यहाँ के 22 कार्यालयों की जांच में 191 में से 40 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। कई विभागों के मुख्य द्वारों पर ताले लटके देख निरीक्षण दल भी हैरान रह गया।
बंद मिले कार्यालय: जिले भर में निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता कार्यालय, पंचायत समिति स्थित ईआईडब्ल्यूएमपी कार्यालय और ब्लॉक परियोजना प्रबंधक कक्ष जैसे महत्वपूर्ण कार्यालयों में कामकाज शुरू होने के समय पर भी ताले लटके पाए गए।
होगी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई:
प्रशासनिक सुधार विभाग के सहायक शासन सचिव रामस्वरूप बिश्नोई और शासन उप सचिव सुनील कुमार शर्मा ने इस स्थिति को बेहद गंभीर माना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि:
बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से नदारद रहने वाले सभी कार्मिकों के विरुद्ध नियम अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिम्मेदार कार्यालय अध्यक्षों (HODs) से भी स्पष्टीकरण मांगा जाएगा कि उनके अधीन कार्यालयों में ताले क्यों लटके थे।
कोलायत तहसील और उप पंजीयक कार्यालय की कार्यप्रणाली में सुधार हेतु विशेष दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
जनता को राहत की उम्मीद:
एडवोकेट दलीप सिंह की इस मुहिम और विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से बीकानेर जिले के आम नागरिकों में सरकारी तंत्र के प्रति विश्वास जगा है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि आमजन को कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
