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बीकानेर। विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 2 की न्यायाधिपति भारती पाराशर ने चैक अनादरण के मामले में फैसला सुनाते हुए अभियुक्त छबीली घाटी निवासी रामचन्द्र देवड़ा को दोषी मानते हुए दो वर्ष के साधारणा कारावास व तीन लाख चालीस हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदम अदायगी अर्थदंड की स्थिति में चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। परिवादी राजेश पारख की ओर से गगन सेठिया तथा अभियुक्त की ओर से इरशाद अंजुम काजी ने पैरवी की। बता दें कि सुनारों की गुवाड़ निवासी राजेश पारख व रामचंद्र अच्छे मित्र थे। रामचंद्र ने राजेश पारख से दिसम्बर 2016 में दो लाख रूपये उधार लिए और चार माह में चुकाने का वादा किया। लेकिन कई बार आग्रह के बाद रामचंद्र की ओर से राजेश पारख को मई 2017 का चैक दिया गया। परन्तु यह चैक 13 बार अनादरण हुआ। आखिरकार 2018 में परिवादी की ओर से गगन सेठिया ने परिवाद पेश किया। जिस पर आज अंतिम फैसला सुनाया गया।

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