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बीकानेर,अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (ऐडवा) की राजस्थान राज्य कमेटी ने पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में हाल ही में की गई बढ़ोतरी की कड़े शब्दों में निंदा की है। संगठन ने इस वृद्धि को कामकाजी जनता, विशेषकर महिलाओं और हाशिए पर रहने वाले परिवारों के खिलाफ एक जन-विरोधी कदम बताया है।
​प्रेस बयान जारी करते हुए ऐडवा की राज्य महासचिव डॉक्टर सीमा जैन ने कहा कि ​”देश की जनता अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के कारण पहले से ही आसमान छूती जीवन-यापन की लागत (महंगाई) से जूझ रही है। ऐसे संकट के समय में ईंधन की कीमतों को बढ़ाकर सरकार ने आम लोगों पर असहनीय वित्तीय बोझ डाल दिया है। पेट्रोल-डीजल और सीएनजी के दाम बढ़ने से आवश्यक वस्तुओं की कीमतें, सार्वजनिक परिवहन के किराए और बुनियादी जरूरतें और महंगी होंगी, जिससे मुद्रास्फीति (महंगाई) का एक नया दौर शुरू हो जाएगा। “विदेश नीति में भटकाव का खामियाजा भुगत रही है जनता।
डॉ. सीमा जैन ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पारंपरिक विदेश नीति से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भटकाव और अमेरिका-इजरायल खेमे के साथ उनका गठबंधन, आज भारत के कामकाजी वर्ग पर अनुचित बोझ का मुख्य कारण बना है। इस संकट ने भाजपा के नेतृत्व वाली सत्ताधारी व्यवस्था के गरीब-विरोधी चरित्र को पूरी तरह से उजागर कर दिया है। आम लोगों को महंगाई से बचाने के बजाय, यह सरकार आर्थिक संकट का पूरा बोझ बेशर्मी से श्रमिकों, किसानों और मध्यम वर्गीय परिवारों पर डाल रही है।

शहरी जीवन-यापन की भारी लागत उठाने में असमर्थ होने के कारण, हजारों प्रवासी श्रमिक पहले ही शहरों से अपने गांवों को लौटने के लिए मजबूर हो चुके हैं। ईंधन की यह नई बढ़ोतरी गरीब और वंचित वर्गों के लिए जीवन को और अधिक नरक बना देगी।

​ईंधन (पेट्रोल, डीजल, सीएनजी) की कीमतों में की गई इस बढ़ोतरी को तुरंत वापस लिया जाए।
​सरकार ईंधन की कीमतों को स्थिर करने के लिए प्रभावी और ठोस कदम उठाए। अत्यधिक गरीबी और आर्थिक तंगी का सामना कर रहे गरीबों और वंचितों को तत्काल राहत पैकेज दिया जाए।
​डॉक्टर सीमा जैन ने ऐडवा के सभी सदस्यों और समाज के सभी लोकतांत्रिक तबकों से अपील की है कि वे इस अन्यायपूर्ण फैसले के खिलाफ एकजुट हों और कीमतों को वापस लेने की मांग को लेकर राज्यभर में प्रखर विरोध प्रदर्शन आयोजित करेंगे।

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