













बीकानेर,राजकीय डूंगर महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में बुधवार को राजनीति विज्ञान परिषद के तत्वावधान में ‘सामाजिक अनुसंधान में शोध प्रविधि का वर्तमान संदर्भ’ विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। परिचर्चा में विभाग में शोध अध्ययनरत विद्यार्थियों के साथ अन्य वरिष्ठ छात्रों को भी शोध प्रविधियों के विभिन्न आयामों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विभाग के शोधार्थियों ने भाग लिया।
प्रोफेसर मैना निर्वाण ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष एवं राजनीति विज्ञान परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर नरेंद्र नाथ ने वर्तमान समय में शोध कार्यों में तकनीक के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज अनुसंधान के क्षेत्र में एआई का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है, जो शोध में सहायक सिद्ध हो रहा है, किंतु इसके उपयोग के दौरान शोधार्थियों को सजग और विवेकपूर्ण दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।
इस अवसर पर इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर चंद्रशेखर कच्छावा भी उपस्थित रहे। उन्होंने शोध शीर्षक के चयन में बरती जाने वाली सावधानियों पर अपने विचार व्यक्त किए।
प्रोफेसर मैना निर्वाण ने कहा कि सूचनाओं के इस विस्तृत संसार में तथ्यों के संकलन के दौरान अत्यंत सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने शोध करते समय मूल्य-निरपेक्ष बने रहने की चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला।
प्रोफेसर सुनीता गोयल ने शोध के लिए अध्ययन क्षेत्र के चयन की महत्ता को रेखांकित करते हुए इसके विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। वहीं डॉ. नरेंद्र कुमार ने साहित्य समीक्षा की बारीकियों को विस्तार से समझाया।
