बीकानेर, सात साल पहले उत्तर प्रदेश में पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान के तबेले से उनकी भैंसें गायब होने की खबर आई थी, उस समय रामपुर से लेकर लखनऊ तक सरकारी अमला हिल गया था. जिले के आला अधिकारियों ने गायब हुई मंत्री जी के भैंसों को ढूंढने के लिए पूरे सिस्टम को लगा दिया था तब जा कर आजम खान की भैंसें बरामद हुई थीं. अब ऐसा ही एक मामला पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के शहर गुजरांवाला में आया है, जहां पर वहां के कमिश्नर जुल्फिकार अहमद घुमन का पालतू कुत्ता मंगलवार को सरकारी बंगले से लापता हो गया. इसके बाद तो उन्होंने जिले की सारी मशीनरी और कर्मियों को इसे खोजने के लिए लगा दिया. कमिश्नर ने अपने स्टाफ को खूब फटकार लगाई गई कि कुत्ता घर से बाहर कैसे निकला ‘ड्रामा’, कुत्ते को किसी भी कीमत पर खोजने का जिम्मा गुजरांवाला शहर के नगर निगम और स्थानीय पुलिस को मिला. पुलिस ने घर-घर तलाशी अभियान चलाया तो वहीं नगर निगम के कर्मचारी कुत्ते को खोजने के लिए बाकायदा एक ऑटो रिक्शा में बैठ लाउडस्पीकर से पूरे शहर में ऐलान करते हुए कहने लगे, “हज़रात हज़रात हज़रात…गुजरांवाला शहर के कमिश्नर साहब का कुत्ता जो कि जर्मन शेफर्ड नस्ल का है, अगर किसी को मिले तो वह उसे लेकर कमिश्नर साहब के घर पर पहुंचा दे. लाउडस्पीकर से ये घोषणा करते हुए धमकी भी दी गई कि अगर ढूंढने के क्रम में किसी के पास से कमिश्नर का कुत्ता मिलता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. ऑटो रिक्शा में लाउडस्पीकर लगा कुत्ता ढूंढने की घोषणा का वीडियो जल्द ही सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा, पहले तो लोगों को समझ में नही आया कि किस चीज़ को ढूंढने की बात हो रही है, लेकिन गौर से सुनने के बाद लोगों को कमिश्नर साहब के कुत्ते के गुम होने की बात पता चली. पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट में लोगों ने गुजरांवाला के कमिश्नर जुल्फिकार अहमद घुमन को खूब खरी खोटी सुनाते हुए कहा कि यहां लोग गायब हो जाते हैं उसको लेकर आजतक हमने किसी को भी लाउडस्पीकर लगाकर ढूंढते नहीं देखा. यहां इंसान की कद्र नहीं लेकिन कुत्ते की है क्योंकि वह कमिश्नर का कुत्ता है. पाक मीडिया रिपोर्ट में कुत्ते की कीमत 4 लाख रुपये बताई जा रही है. हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद कमिश्नर साहब ऑटो से लाउडस्पीकर लगा कर कुत्ता ढूंढने के अभियान पर रोक लगा दी. ख़बर लिखे जाने तक कुत्ता तलाशा नहीं जा सका है.कुत्ता पाकिस्तान पंजाब प्रांत गुजरांवाला कमिश्नर जुल्फिकार अहमद घुमन