













बीकानेर,अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) NEET-UG प्रश्न पत्र लीक मामले की कड़ी निंदा करता है तथा प्रभावित विद्यार्थियों के लिए जाँच, जवाबदेही और न्याय की मांग करता है। ABRSM यह भी मांग करता है कि इस मामले में शामिल सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और उचित दंड सुनिश्चित करने हेतु समयबद्ध जाँच कराई जाए।
देशभर के लाखों विद्यार्थियों के लिए NEET केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि वर्षों की कठिन मेहनत, त्याग और अनगिनत जागी हुई रातों का परिणाम है। जब इतनी महत्त्वपूर्ण परीक्षा की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगता है, तो इसका प्रभाव केवल परीक्षार्थियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परीक्षा तंत्र में जनता के विश्वास को गहरी चोट पहुँचती है।
उपरोक्त संदर्भ में हम निम्नलिखित बिंदु प्रस्तुत करते हैं –
1. सरकार द्वारा CBI जाँच ABRSM भारत सरकार द्वारा NEET-UG परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक की जाँच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने के त्वरित एवं निर्णायक कदम की सराहना करता है। यह कार्रवाई परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस समयबद्ध हस्तक्षेप से विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं समाज का विश्वास पुनः स्थापित होगा तथा दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जा सकेगा।
2. NTA में संस्थागत सुधार : राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की समस्त प्रक्रियाओं प्रश्नपत्र निर्माण, मुद्रण, वितरण एवं परीक्षा संचालन -का एक स्वतंत्र संस्था द्वारा व्यापक एवं समयबद्ध ऑडिट कराया जाना चाहिए। इस संदर्भ में ABRSM ने परीक्षा सुधार हेतु गठित राधाकृष्णन समिति को (पत्र संख्या G.S14/विक्रम संवत 2081, दिनांक 6/7/24) NTA में सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने तथा प्रश्नपत्र प्रबंधन प्रणाली को अधिक मजबूत बनाने संबंधी विस्तृत सुझाव प्रस्तुत किए थे।
3. विद्यार्थियों के लिए त्वरित मनोवैज्ञानिक सहायता: सरकार को विद्यार्थियों एवं उनके परिवारों पर पड़े गंभीर मानसिक प्रभाव को स्वीकार करते हुए सभी NEET-UG अभ्यर्थियों के लिए सुलभ मानसिक स्वास्थ्य एवं परामर्श सेवाएँ तत्काल उपलब्ध करानी चाहिए।
4. लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के अंतर्गत कठोरतम दंड हम सरकार से आग्रह करते हैं कि इस प्रश्नपत्र लीक में शामिल सभी दोषियों के विरुद्ध लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के अंतर्गत कठोर दंड, कारावास एवं आर्थिक दंड सुनिश्चित किए जाएँ। इस प्रश्नपत्र लीक में दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति चाहे वह छात्र हो, बिचौलिया, कोचिंग संस्थान संचालक अथवा सरकारी अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। दंड ऐसा हो जो भविष्य में किसी भी प्रकार की परीक्षा अनियमितता के लिए निवारक सिद्ध हो और योग्य विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को स्पष्ट संदेश दे।
हम यह भी आग्रह करते हैं कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में तकनीकी सुरक्षा, प्रश्नपत्र गोपनीयता, परीक्षा केंद्रों की निगरानी तथा जवाबदेही तंत्र को और अधिक मजबूत किया जाए। संगठन का यह भी आग्रह है कि NEET-UG की पुनर्परीक्षा आयोजन को पूर्ण सुरक्षा एवं पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया जाए तथा प्रभावित विद्यार्थियों पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक या व्यवस्थागत बोझ न डाला जाए, क्योंकि यह विफलता पूरी तरह परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की है।
प्रो. गीता भट्ट (महासचिव)
