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बीकानेर,मदर्स डे के अवसर पर Beyond Imagination Club एवं रासेश्वरी हिंदुस्तानी द्वारा स्थापित MOMS (Multitasking Outstanding Mothers Space) Community की ओर से ऑनलाइन फेसबुक लाइव कार्यक्रम “माँ की कहानी, माँ की ज़ुबानी ” से काव्य गोष्ठी आयोजित की गयी
यह आयोजन केवल कविता पाठ नहीं, बल्कि मातृत्व की भावनाओं, संघर्षों, हँसी, त्याग और अनकही अनुभूतियों का जीवंत उत्सव बन गया। देश के विभिन्न शहरों से जुड़ी माताओं ने पहली बार सोशल मीडिया लाइव मंच पर motherhood के अनुभवों को अपने शब्दों में ढाल कर कविता रूप में साझा किया।
किसी माँ ने स्वयं को “घर की CEO” कहा, तो किसी ने “Google से भी Fast”। कहीं ममता की मिठास थी, तो कहीं जिम्मेदारियों के पीछे छुपी थकान और मुस्कान। कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि अधिकांश प्रतिभागी पेशेवर लेखिकाएँ नहीं थीं, फिर भी उन्होंने बिना किसी झिझक और संकोच के दिल की बातें खुलकर रखीं।
विशेष अतिथि के रूप में राजस्थान के बीकानेर की हिंदी एवं राजस्थानी कवयित्री मोनिका गौड़ उपस्थित रहीं।
उन्होंने अपनी पंक्तियाँ —
“माँ की आंख शहद रंग की होती है,
तभी तो माँ इतनी मीठी होती है…”
— सुनाकर वातावरण को भावुक बना दिया। उन्होंने कहा, “जब माँ बोलती है, तो केवल शब्द नहीं, पूरा जीवन बोलता है।”
कार्यक्रम का संचालन ऊर्जा परिवर्तन विशेषज्ञ रासेश्वरी हिंदुस्तानी ने किया। उन्होंने बताया कि MOMS Community ऐसा मंच है, जहाँ माताएँ बिना किसी तुलना या निर्णय के स्वयं को अभिव्यक्त कर सकें, एक-दूसरे को भावनात्मक और प्रेरणात्मक सहयोग दे सकें।
गौरतलब है कि स्वास्थ्य संबंधी कारणों से कुछ समय से यह community सक्रिय नहीं थी, लेकिन मदर्स डे पर इसे नई ऊर्जा और नए संकल्प के साथ पुनः प्रारंभ किया गया। रासेश्वरी हिंदुस्तानी ने कहा, “हर माँ अपने आप में एक Angel है, जरूरत सिर्फ इतनी है कि कोई उसे उसकी खुद की रोशनी फिर से याद दिला दे।”
कार्यक्रम में अंजू गुप्ता, अरुणा सिंह, बिथिका राव, अमनवीर कौर, पूजा दुबे, क्रुज़िना रमेश, पुष्पलता डिसूज़ा, सुमेधा अडावड़े एवं हिमाली शाह ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी का मन छू लिया।
कार्यक्रम का फेसबुक लाइव प्रसारण Beyond Imagination Club के पेज पर किया गया, जहाँ दर्शकों ने भी भावनात्मक जुड़ाव के साथ अपनी प्रतिक्रियाएँ साझा कीं।
समापन इस संदेश के साथ हुआ कि —
“माँ सिर्फ एक रिश्ता नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को जोड़ने वाली भावना है।”

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