













बीकानेर,एसकेआरएयू के क्षेत्रीय अनुसन्धान केन्द्र के
ग्रामीण कृषि मौसम सेवा द्वारा किसानों को कपास बुवाई के संबंध में एडवाइजरी जारी की गई है।
एडवाइजरी के अनुसार देशी कपास की बुवाई के लिए यह उचित समय है। किसान आर.जी-8, आर.जी-18, राज. डी. एच-9, एच.डी 123 या आर.जी 542 जैसी प्रचलित किस्म की बुवाई कर सकते हैं। देशी कपास की बुवाई के लिए 3 किलोग्राम बीज प्रति बीघा उपयुक्त है । देशी कपास की बुवाई में कतार से कतार की दूरी 67.5 सेमी व पौधे से पौधे की दूरी 60 सेमी रखनी चाहिए। बी.टी. कपास की बुवाई के लिए 1 मई से 20 मई उपयुक्त समय है। लेकिन 15 अप्रैल से 15 मई के मध्यबुवाई करने से फसल में गुलाबी सुडी का प्रकोप कम हो सकता है। बी. टी कपास के खेत की परिधि पर उसी किस्म की नॉन बी. टी. संकर (रिफ्युजिया) की बुवाई अवश्य करें। बी. टी. कपास की बीज दर 450 ग्राम प्रति बीघा रखते हुए कतार से कतार 108 सेमी तथा पौधे से पौधे की दूरी 60 सेमी रखें। अमेरिकी कपास की बुवाई मई के पहले सप्ताह से की जा सकती है। खेत की तैयारी के लिए एक गहरी जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से तथा 2-3 जुताई कल्टीवेटर से करनी चाहिए तथा खेत की तैयारी के समय 30-35 क्विटल गोबर खाद प्रति बीघा प्रयोग करें।अमेरिकी कपास की बुवाई के लिए 4 किलोग्राम बीज प्रति बीघा उपयुक्त है।
एडवाइजरी के अनुसार बेर के पौधों में कटाई-छटाई का उचित समय शुरु हो गया है। बेर में प्रतिवर्ष मई अंत तक कटाई छंटाई करनी चाहिए क्योंकि इसकी कक्ष से जो नये प्ररोह निकलते है उन्हीं पर फूल एवं फल लगते हैं। कद्दूवर्गीय सब्जियों जैसे खरबूजा, तरबूज और ककड़ी में फल मक्खी के नियंत्रण के लिए मैलाथियान 50 ईसी की 1 मिली मात्रा प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
एडवाइजरी में बेहतर पैदावार के लिए चारे वाली फसलों में बार-बार सिंचाई करने, दुधारू पशुओं में स्तनदाह से बचाव के उपाय अपनाने तथा पेट के कीड़ों की दवा की मौखिक खुराक देने की सलाह दी गई है। पशुओं को लू से बचाएं। पशुओं को अच्छी गुणवत्ता वाला पेयजल उपलब्ध करायें। तेज हवा की गति को देखते हुए अपने आप को और जानवरों को पुराने क्षयग्रस्त आश्रयों और दीवारों से दूर रखने की भी सलाह दी गई है।
