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बीकानेर,राव बीकाजी संस्थान तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में नगर स्थापना दिवस के अवसर पर सुदर्शना कला दीर्घा में आयोजित तीन दिवसीय एंटीक प्रदर्शनी का समापन शुक्रवार को हुआ। समापन समारोह में नगर निगम के उपायुक्त श्री यशपाल आहूजा, जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. हरिशंकर आचार्य तथा राव बीकाजी संस्थान के कोषाध्यक्ष रामलाल सोलंकी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि श्री यशपाल आहूजा ने कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से सैकड़ों वर्षों पुरानी एंटीक वस्तुओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है। ऐसे आयोजन युवाओं को इतिहास और संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं, जिनका अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने राव बीकाजी संस्थान द्वारा प्रतिवर्ष किए जा रहे नवाचारों की सराहना भी की।

डॉ. हरिशंकर आचार्य ने कहा कि रियासतकाल से लेकर वर्तमान समय तक की विभिन्न ऐतिहासिक वस्तुओं को एक स्थान पर संकलित करना सराहनीय पहल है। यह प्रदर्शनी बीकानेर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का सजीव प्रतिबिंब प्रस्तुत करती है।

संस्थान के कोषाध्यक्ष श्री रामलाल सोलंकी ने तीन दिवसीय बताया कि इस प्रकार के आयोजन भविष्य में भी निरंतर किए जाते रहेंगे, जिससे नई पीढ़ी को अपनी विरासत से परिचित कराया जा सके।

प्रदर्शनी संयोजक अजीज भुट्टा ने बताया कि प्रदर्शनी में किशनलाल सोनी द्वारा संकलित वर्ष 1914 से अब तक के विभिन्न समाचार पत्र, प्राचीन सिक्के, रेडियो, साइकिल के लाइसेंस, दुर्लभ पुस्तकें, रियासतकालीन एक्ट, रियासतों के विलीनीकरण से जुड़े दस्तावेज, अभिनंदन पत्र, राजपरिवार के मूल छायाचित्र, हस्तलिखित पंचांग सहित अनेक ऐतिहासिक वस्तुएं प्रदर्शित की गईं, जिन्हें तीन दिनों में बड़ी संख्या में आमजन ने देखा।

सह-संयोजक डॉ. मोहम्मद फारुख चौहान ने बताया कि प्रदर्शनी में प्रथम विश्व युद्ध में महाराजा गंगा सिंह की भूमिका से संबंधित हिंदी बगड़वासी समाचार पत्र, बीकानेर के 500वें स्थापना दिवस पर राव बीकाजी की प्रतिमा स्थापना से जुड़े दस्तावेज सहित कई दुर्लभ अभिलेख भी आकर्षण का केंद्र रहे। वहीं किशनलाल सोनी ने अन्य संग्रहित वस्तुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम का संचालन संजय पुरोहित ने किया। इस अवसर पर राजेंद्र जोशी, नरेंद्र सिंह स्याणी,, डॉ. पवन दाधीच, वसीम अहमद, आत्माराम भाटी, प्रेम नारायण व्यास, दिनेश माथुर सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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