








बीकानेर,नोखा/भामटसर। अंबुजा फाउंडेशन की ‘बेहतर कपास परियोजना’ के अंतर्गत ग्राम भामटसर में विश्व जल दिवस एवं लैंगिक समानता थीम पर एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कृषि में जल की बचत, उन्नत खेती और समाज में महिला-पुरुष समानता को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि SPC भारत सरकार राजस्थान हाई कोर्ट जोधपुर एडवोकेट अशोक प्रजापत, भवानी जोशी एवं श्याम मारू उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में गौरव खंडेलवाल (जनरल मैनेजर, अंबुजा फाउंडेशन) ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
जल संचयन ही भविष्य का आधार: गौरव खंडेलवाल
अपने संबोधन में गौरव खंडेलवाल ने वर्षा जल संग्रहण (Rainwater Harvesting) और ड्रिप व स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई तकनीकों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल को सुरक्षित रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
सुरक्षित और टिकाऊ खेती का संदेश
बेहतर कपास परियोजना के कोऑर्डिनेटर अजय पाल यादव ने किसानों को टिकाऊ खेती और परियोजना के लाभों की जानकारी दी। वहीं मुख्य अतिथि अशोक प्रजापत ने “जल ही जीवन है” के मंत्र को आत्मसात करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कृषि अधिकारी मामराज और राजीविका BPM पवन कुमार बिश्नोई ने किसानों को सरकारी योजनाओं और नवाचारों के प्रति जागरूक किया।
नुक्कड़ नाटक रहा मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम के दौरान एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। इसके माध्यम से ग्रामीणों को सरल भाषा में जल संरक्षण, व्यक्तिगत सुरक्षा किट (PPE) के उपयोग, हानिकारक कीटनाशकों के दुष्प्रभाव, बाल श्रम की रोकथाम और जैविक खेती जैसे गंभीर विषयों पर जागरूक किया गया।
300 किसानों ने लिया संकल्प
इस आयोजन में आसपास के गांवों के लगभग 300 किसानों ने भाग लिया और जल बचाने व सामाजिक समानता का संकल्प लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में ललित सिंह भाटी, सुदर्शन मंगोलिया, अर्पित सुथार, भाग्यवर्धन राठौड़, मधु बिश्नोई, प्रेरणा गिरी, सलोनी, सुमित्रा सेन एवं स्मिता का विशेष योगदान रहा।
