











बीकानेर,अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (बीज) के तहत एसकेआरएयू के केन्द्रीय फार्म, खारा में ‘चना बीज उत्पादन’ विषय बुधवार को किसानों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में किसानों से संवाद करते हुए निदेशक अनुसंधान डॉ. एन. के. शर्मा ने कहा कि कि बीज कृषि उत्पादन की आधारशिला है। गुणवत्तापूर्ण एवं रोग-रहित प्रमाणित बीजों का उत्पादन ही अधिक उपज और बेहतर आय का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर आत्मनिर्भर बनने तथा क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाले बीज उत्पादन को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
डॉ. ए. के. शर्मा ने चने की उन्नत किस्मों, बीज उत्पादन की वैज्ञानिक विधियों, प्रमाणित बीज के महत्व तथा गुणवत्ता मानकों के पालन पर विस्तार से जानकारी दी। ।
डॉ. जे. के. तिवारी ने चना फसल में कीट एवं रोग प्रबंधन, बीज शोधन, पौधों की दूरी के वैज्ञानिक प्रबंधन पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रक्षेत्र पर व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से बीज उत्पादन की संपूर्ण प्रक्रिया समझाई।
डॉ. पी. एस. शेखावत ने किसानों को बीज उत्पादन में सावधानियों, फसल चक्र अपनाने तथा भूमि की उर्वरता को बनाए रखने के महत्व के बारे में अवगत करवाया।
डॉ. दाता राम ने बीज प्रमाणन प्रक्रिया, भंडारण तकनीक एवं विपणन संभावनाओं पर जानकारी देते हुए किसानों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
किसानों ने विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। अब्दुल सलाम कुरैशी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रशिक्षण में 60 किसानों ने भागीदारी निभाई।
