












बीकानेर,विवेकानन्द जी ने भारत को ही नहीं वरन् सम्पूर्ण मानवता को संदेश दिया कि मनुष्य को अपनी आत्म शक्ति को पहचानने की आवश्यकता है । इसके बिना व्यक्तिगत एवं सामाजिक उत्थान संभव नहीं है । ये उद्गार व्यक्त किए पूर्व प्राचार्य एवं शिक्षाविद डॉ.गुरुदत्त शर्मा ने । अवसर था राष्ट्रीय युवा दिवस का । विवेकानंद जयंती पर इस कार्यक्रम का आयोजन व्योम (विवेकानंद युवा अभिमुखीकरण एवं अभिप्रेरण केंद्र) केंद्र , राजकीय डूंगर महाविद्यालय में संपन्न हुआ । मुख्य अतिथि डॉ.जी.डी.शर्मा ने कहा कि विवेकानंद ने सम्पूर्ण विश्व को सहिष्णुता, करुणा एवं अध्यात्म का पवित्र संदेश दिया । वे भारत के गौरव एवं महान प्रेरणा पुंज थे ।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए महाविद्यालय के इतिहास विषय के विद्वान आचार्य डॉ. श्रीराम नायक ने कहा कि विवेकानंद जी का राजस्थान की धरती से गहरा संबंध है । उन्होंने विवेकानंद के जीवन के अनेक प्रसंगों को उद्धृत करते हुए युवाओं को मजबूत शरीर, निर्भीक मन एवं ऊंचा चरित्र निर्माण के लिए उनके जीवन से प्रेरणा लेने की सीख दी । कार्यक्रम के प्रारंभ में प्राचार्य डॉ. राजेंद्र पुरोहित ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि हमारे महाविद्यालय में व्योम केंद्र की स्थापना एक अद्भुत एवं नूतन संकल्पना है जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों के माध्यम से समुदाय में भारतीय ज्ञान परम्परा के महत्त्व एवं उत्तम चरित्र निर्माण का जनजागरण प्रसारित करना है ताकि हमारा प्रांत ही नहीं वरन् राष्ट्र मजबूत हो सके । उन्होंने कहा कि छात्र-शक्ति को अपने विवेक एवं आत्मशक्ति को जागृत करने के लिए व्योम केंद्र पर उपलब्ध विवेकानंद के साहित्य का अधिकाधिक अध्ययन कर समाज एवं राष्ट्र के कल्याण के लिए आगे आना चाहिए ।
महाविद्यालय के संकाय सदस्य डॉ.निर्मल कुमार रांकावत ने व्योम केन्द्र की स्थापना, उद्देश्यों एवं केंद्र की रुपरेखा से अवगत करवाया । इस अवसर पर कार्यक्रम के प्रारंभ में व्योम केंद्र की पूर्व समन्वयक दिवंगत डॉ.दिव्या जोशी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी । कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के विद्वान संकाय सदस्य डॉ.एम.डी.शर्मा, डॉ सुनीता गोयल, डॉ. जय शंकर आचार्य, डॉ.केसरमल, डॉ.रमेश पुरी, डॉ. फ़करूनिशा बानो, डॉ.श्याम सुंदर ज्यानी, डॉ. पूनम चारण, डॉ. सुनीलदत्त व्यास एवं अनेक विद्वान संकाय सदस्य तथा छात्र एवं मातृशक्ति उपस्थित रही । महाविद्यालय के विद्वान एवं वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. विक्रम जीत ने आगंतुकों का आभार ज्ञापित किया । कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ.शशि कांत आचार्य एवं डॉ.अर्चना पुरोहित ने तथा तकनीकी संचलन डॉ.संदीप यादव ने किया । कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों द्वारा व्योम केंद्र के नेतृत्व में स्वदेशी संकल्प दौड़ एवं सामाजिक सेवा एवं युवा शक्ति पर जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया ।
