












बीकानेर,स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में सोमवार को बीकानेर जिले में ‘रन फॉर स्वदेशी’ का आयोजन उत्साहपूर्ण माहौल में किया गया। सुबह की ठंडी हवा में स्वदेशी संदेश लिए युवाओं ने करीब दो किलोमीटर तक दौड़कर स्वावलंबन, आत्मनिर्भरता और भारतीय उत्पादन को समर्थन देने का संदेश दिया।
दौड़ के दौरान युवाओं की आवाज़ एक ही रही—
“स्वदेशी अपनाओ – भारत बनाओ”
“विदेशी छोड़ो – स्थानीय जोड़ो”
जिला स्तर पर व्यापक आयोजन — अनेक विद्यालय व महाविद्यालय जुड़े
स्वावलम्बी भारत अभियान के बीकानेर जिला पूर्णकालिक रघुवीर शर्मा ने बताया कि बीकानेर जिले में अनेक सरकारी व निजी संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित हुए।
इनमें विशेष रूप से शामिल रहे—
✅ राजकीय आईटीआई बीकानेर
✅ राजकीय कन्या महाविद्यालय बीकानेर
✅ राजकीय कन्या महाविद्यालय मुरलीधर व्यास नगर
✅ राजकीय डूंगर महाविद्यालय बीकानेर
✅ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय छतरगढ़
साथ ही खारवाली, खाजूवाला, कोलायत, नोखा सहित अनेक उपखण्ड व ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों एवं संस्थानों ने भी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।
रघुवीर शर्मा ने कहा—
“स्वामी विवेकानंद का स्वदेशी विचार केवल सांस्कृतिक नहीं, आर्थिक स्वतंत्रता का मार्ग है। बीकानेर का युवा आज उसी मार्ग पर कदम बढ़ा चुका है।”
स्वदेशी का नया स्वरूप — ‘आत्मनिर्भरता + उत्पादन राष्ट्रवाद’
विभिन्न संस्थानों में आयोजनों के बाद संवाद एवं उद्बोधन कार्यक्रम भी हुए जिनमें शिक्षकों व सामाजिक संगठनों ने स्वदेशी के आर्थिक महत्व पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि—
“स्वदेशी अब फैशन नहीं, भविष्य है।”
“स्थानीय उत्पाद ही स्थानीय रोजगार का आधार हैं।”
स्वावलम्बी भारत अभियान से जुड़ता युवा वर्ग
इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को उपभोगकर्ता नहीं, निर्माता और कर्ता की भूमिका में आगे बढ़ाना है। आयोजन में हिस्सा लेने वाले छात्रों ने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने, भारतीय उद्योगों को प्राथमिकता देने और विदेशी निर्भरता को कम करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम अंत में “भारत माता की जय” और “स्वावलम्बन जय हो” के नारों के साथ सम्पन्न हुआ।
