












बीकानेर,जैन श्वेताम्बर तपागच्छ के गच्छाधिपति, पदमश्री से सम्मानित आचार्यश्री विजय नित्यानंद सूरीश्वरजी के सान्निध्य में गुरुवार को गुरु वल्लभ भवन का भूमि पूजन, स्वतंत्रता सेनानी रावतमल कोचर मार्ग का लोकार्पण, मां को समर्पित मातृवंदना का भावावाही संगीतमय कार्यक्रम हुआ।
गंगाशहर मार्ग पर स्थित पार्श्वचन्द्र सूरीश्वरजी की दादाबाड़ी परिसर के भगवान आदिनाथ भवन परिसर में मां को समर्पित मातृवंदना कार्यक्रम सुरेन्द्र बद्धाणी जैन के संयोजक हुआ जिसमें माउंट आबू की भावना आचार्य भगवान महावीर, माता पिता भक्ति के प्रेरणादायक प्रसंग व भजन तथा प्रेरक संदेशों के माध्यम से श्रावक-श्राविकाओं को भाव विभोर कर दिया।
गच्छाधिपति आचार्य विजय नित्यानंद सूरीश्वरजी ने कहा कि मां के बिना महात्मा बनना व परमात्मा से मिलना असंभव है। माता-पिता की सेवा ही सच्ची आत्म परमात्म भक्ति है। माता-पिता के आशीर्वाद से ही देव, गुरु व धर्म की सच्ची साधना-आराधना व भक्ति संभव है। मुनि मुक्तानंद विजय ने कहा कि माता-पिता ही औलाद के सच्च हितचिंतक, सहयोगी व पालनहार होते है। माता-पिता का हमें सेवा करते हुए उन्हें सदा प्रसन्न रखने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम में माउंट आबू की भावना आचार्य ने ’’वीर महावीर, गुरु महावीर’’ भक्ति गीत से भगवान महावीर की स्तुति वंदना के भजन से कार्यक्रम का आगज किया। उन्होंने फिल्मी, गैर फिल्मी मातृ-पितृ भक्ति के गीत सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। उनके गीतों में प्रस्तुति शेर भी मार्मिक व दिल को छूने वाले थे। कार्यकम में पूर्व मंत्री डॉ.बुलाकी दास कल्ला सहित जैन अजैन समाज के गणमान्य नागरिक व बड़ी संख्या में श्राविकाएं मौजूद थी। कार्यक्रम संयोजक सुरेन्द्र बद्धाणी जैन परिवार की ओर से कलाकार का सम्मान किया गया।
