











बीकानेर, स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर डॉ राजेन्द्र बाबू दुबे ने मंगलवार को फार्म इंप्लीमेंट्स एंड मशीनरी टेस्टिंग एंड ट्रेनिंग सेंटर (एफआईएमटीटीसी) का निरीक्षण किया। केंद्र में कृषि यंत्रों व उपकरणों के संबंध में चल रही विभिन्न जांच और प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी लेते हुए कुलगुरु ने कहा कि विश्वविद्यालय के लिए यह गौरव का विषय है कि यहां केंद्र सरकार के मापदंडों के अनुरूप कृषि यंत्रों के परीक्षण का कार्य किया जा रहा है , इससे न केवल कृषि यंत्र निर्माता कंपनियों को लाभ मिला है ,बल्कि किसानों और विद्यार्थियों को भी प्रशिक्षण के समुचित अवसर मिल रहे हैं ।
कुलगुरु ने यहां ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। डॉ दुबे ने कहा कि आधुनिकतम टेक्नोलॉजी के कुशलतम उपयोग के लिए प्रशिक्षण प्राथमिक आवश्यकता है। ड्रोन प्रशिक्षण कार्य को जल्द प्रारंभ किया जाए जिससे क्षेत्र के युवा किसानो को स्किल डेवलप करने का मौका मिल सके। उन्होंने केंद्र द्वारा विभिन्न गतिविधियों के जरिए विश्वविद्यालय के लिए सृजित की जा रही आय की भी सराहना की। अनुसंधान निदेशक डॉ एन के शर्मा ने कहा कि लेजर लेवलर प्रशिक्षण के सर्टिफिकेट कोर्स प्राथमिकता से चालू करें । कस्टम हायरिंग सेंटर में निर्धारित नियमों की पालना की जाए।
इंजीनियर विपिन लड्ढा ने केंद्र द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों पर आधारित प्रजेंटेशन दिया । उन्होंने बताया कि इस केंद्र में विद्यार्थियों को हैंड्स ऑन ट्रेनिंग तथा फील्ड प्रशिक्षण का अवसर मिलता है।
केंद्र प्रभारी डॉ विक्रम योगी ने बताया कि केंद्र द्वारा एग्रीकल्चर मैन्युफैक्चरर्स के साथ नियमित रूप से संपर्क कर नई तकनीक की मशीनों की टेस्टिंग का काम किया जा रहा है। समस्त जांच केंद्र भारत सरकार के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप किए जा रहे हैं। कृषि उपकरणों के रखरखाव, कार्य कुशलता का प्रशिक्षण मिलने से किसानों को आधुनिकतम क़ृषि तकनीक से जुड़ने में मदद मिल सकी है।
कुल गुरु ने मशीनों से गुणवत्ता जांच प्रक्रिया तथा रिपोर्ट की जानकारी ली। उन्होंने सीड फर्टिलाइजर ड्रिल लैब, लेजर लेवलर परीक्षण सहित विभिन्न गतिविधियों की लाईव प्रकिया को देखा। कुलगुरु ने कहा कि किसानों तथा विद्यार्थियों के साथ नियमित प्रशिक्षण व संवाद आयोजित किये जाएं। इस अवसर पर केन्द्र के अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।
