












बीकानेर, वैद्य जमनालाल स्वामी ने अपनी जीवनकालीन इच्छा को साकार करते हुए मरणोपरांत अपनी देह मेडिकल विद्यार्थियों के अध्ययन एवं शोध के लिए दान कर दी। शनिवार दोपहर उनके पुत्रों एवं परिवारजनों ने मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग को उनकी पार्थिव देह सुपुर्द की।
इस भावपूर्ण अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. सुरेन्द्र कुमार वर्मा, एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश मणि, अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ. नवरंग लाल महावर, डॉ. संजीव बुरी, राजेन्द्र बिजारणिया, मेवा सिंह तथा स्वर्गीय जमनालाल के समस्त परिवारजन उपस्थित रहे और श्रद्धासुमन अर्पित किए।
एसपी मेडिकल कॉलेज प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र कुमार ने पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित कि, परिजनों को दुःख की घड़ी मे सांत्वना दी, उन्होंने कहा कि “देहदान मृत्यु के बाद भी जीवन को नया अर्थ देता है। एक देह से सैकड़ों मेडिकल विद्यार्थी सीखते हैं, जिससे हजारों मरीजों का जीवन बचाया जा सकता है। मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूँ कि देहदान का संकल्प लें और मानवता की इस महान सेवा से जुड़ें। यह सबसे पवित्र दान है।”
इस दौरान एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश मणि ने कहा कि देहदान सबसे बड़ा पुण्य है। उन्होंने समाज के सभी लोगों से आग्रह किया कि अधिक से अधिक संख्या में आगे आएं और मेडिकल शिक्षा को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें।
इस अवसर पर डॉ. जसकरण सिंह, डॉ. रामेश्वर व्यास, डॉ. कौशल रंगा, डॉ. हेमन्त, डॉ. भारती, डॉ. सागरिका, डॉ. रॉबिन, डॉ. सुनील, डॉ. भव्या, डॉ. न्यूमन, मनोज, रामेश्वरी, श्रीवल्लभ सहित अनेक चिकित्सक एवं स्टाफ सदस्यों ने भी स्वर्गीय जमनालाल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
