












बीकानेर,चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (NIDM) और यू.एस. सीडीसी (CDC) इंडिया के सहयोग से बुधवार एवं गुरुवार को बीकानेर में ‘सामुदायिक आधारित सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल एवं आपदा प्रबंधन’ (CB-PHEDM) पर दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम (ToT) आयोजित किया गया। बीकानेर ज़ोन के चारों जिलों (बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़) के 39 अधिकारियों ने इस प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाकर मास्टर ट्रेनर के रूप में दक्षता हासिल की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिरकत की, जिनमें पूर्व कैबिनेट सचिव, भारत सरकार श्री अजीत सेठ, अतिरिक्त निदेशक (ग्रामीण स्वास्थ्य) डॉ. प्रवीण असवाल, क्षेत्रीय निदेशक, उदयपुर डॉ. नवीन चारंग, संयुक्त निदेशक, आईडीएसपी, एनसीडीसी (NCDC); डॉ. सौरभ गोयल, कार्यक्रम निदेशक, डीजीएचपी, सीडीसी-इंडिया (CDC-India); डॉ. रूना हट्टी गोखले, संयुक्त निदेशक, आपदा प्रबंधन, राजस्थान; डॉ. मुकेश विजयवर्गीय, संयुक्त निदेशक, बीकानेर; डॉ. देवेंद्र चौधरी, पूर्व निदेशक, एनसीडीसी (NCDC) डॉ सुजीत सिंह तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, सीडीसी-इंडिया (CDC-India) डॉ. रजत गर्ग शामिल रहे।
बीकानेर से डिप्टी सीएमएचओ स्वास्थ्य डॉ लोकेश गुप्ता, डॉ अनिल वर्मा, डॉ गौतम लूनिया, एपिडेमियोलॉजिस्ट नीलम प्रताप सिंह राठौड़, डॉ भरत ओझा, डाटा मैनेजर प्रदीप चौहान, डीपीसी रेनू बिस्सा, मोनिका शर्मा सहित चारों जिलों के अधिकारी कार्मिक शामिल हुए।
*प्रधानमंत्री के आपदा जोखिम प्रबंधन एजेंडा को मिलेगी मजबूती:*
यह पहल प्रधानमंत्री के आपदा जोखिम प्रबंधन संबंधी ‘दस सूत्रीय एजेंडा’ के अनुरूप है। इसका उद्देश्य स्थानीय क्षमता निर्माण और गांवों को आत्मनिर्भर बनाना है। प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर अब सामुदायिक स्तर पर जोखिम की समयपूर्व पहचान और त्वरित प्रतिक्रिया हेतु टियर-I एवं टियर-II प्रशिक्षणों का नेतृत्व करेंगे। इस उपलब्धि के साथ राजस्थान में ज़ोनल स्तर के सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण हो गए हैं। कुल 8 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 400 से अधिक अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में दक्ष बनाया गया है, जो भविष्य में किसी भी सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करेंगे।
