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बीकानेर, राज्य सरकार ने किसानों एवं पशुपालकों को नवीन कृषि तकनीक, योजनाओं और सरकारी लाभों से जोड़ने के उद्देश्य से एक व्यापक पहल की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में 16 जनवरी को आयोजित ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 (ग्राम-2026) की समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के क्रम में प्रदेश के प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर एक दिवसीय विशेष ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों एवं पशुपालकों की एग्रीटेक मीट में सहभागिता सुनिश्चित करते हुए इन्हें विभिन्न कृषि, उद्यान व कृषि सम्बद्ध विभागीय योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ दिया जाएगा।
शिविर का उद्देश्य
संयुक्त निदेशक कृषि मदनलाल ने बताया कि ग्राम उत्थान शिविरों का उद्देश्य किसानों एवं पशुपालकों की ग्राम-2026 में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ ही राज्य सरकार की कृषि, उद्यान एवं कृषि संबद्ध योजनाओं की जानकारी देना, योजनाओं का तत्काल लाभ एवं ऑन-स्पॉट मार्गदर्शन तथा ग्रामीणों को तकनीक, नवाचार और बाजार से जोड़ना है। शिविरों के दौरान कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, पशुपालन एवं डेयरी, मत्स्य पालन, सहकारिता, जल संसाधन, ऊर्जा, उद्योग, आपदा प्रबंधन, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की सहभागिता रहेगी।
*बसंत पंचमी से होगा शुभारंभ*
उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बताया कि शिविर आयोजन को लेकर कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती मंजू राजपाल ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शिविरों का शुभारंभ 23 जनवरी बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर होगा। शिविर प्रथम चरण 23, 24, 25, 31 जनवरी द्वितीय चरण 1 फरवरी एवं 5 से 9 फरवरी 2026 तक कुल 10 दिवस में प्रत्येक गिरदावरी सर्किल वार आयोजित होंगे। शिविरों का समय सुबह 10 से शाम 5 बजे तक आयोजित किए जाएंगे।
*तैयारियां प्रारंभ*
सहायक निदेशक कृषि सुरेन्द्र मारू ने बताया कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप ग्राम उत्थान शिविर आयोजन को लेकर जिला प्रशासन की ओर से तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। जिला कलक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि व मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद श्री सोहनलाल के निर्देशन में जल्द से ही गिरदावर सर्कल वार शिविर कार्यक्रम जारी किया जाएंगे। वहीं सभी संबंधित विभागों की ओर से भी शिविरों में संपादित किए जाने वाले कार्यों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग कार्यक्रम का नोडल विभाग होगा।

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