












बीकानेर, आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना की जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक सोमवार को आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना की जिला नोडल अधिकारी एवं एसीईओ जिला परिषद प्रियंका तलानिया की अध्यक्षता में हुई। श्रीमती तलानिया ने उपस्थित सभी विभागों के अधिकारियों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना का उद्देश्य ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य एवं सामाजिक सूचकांकों में गुणात्मक सुधार लाना है, जिसके लिए सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।बैठक में योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
*प्रथम चरण में जिले की पांच ग्राम पंचायतों का चयन*
बैठक में जिले के सहायक नोडल अधिकारी डॉ. रिडमल सिंह राठौड़ ने बताया कि योजना के प्रथम चरण में जिले की पाँच ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इनमें कोलायत उपखंड की हदां एवं गुढ़ा, डूंगरगढ़ की बाडेला, बीकानेर की कोलासर तथा पूगल की रामनगर ग्राम पंचायत शामिल हैं। इन ग्राम पंचायतों में 18 निर्धारित स्वास्थ्य सूचकांकों पर कार्य किया जाएगा। सभी सूचकांकों की पूर्ण पालना करने वाली ग्राम पंचायतों को 11 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
विदित है कि इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के जरिए स्वास्थ्य में सुधार करके ग्रामीण क्षेत्र में आमजन का आहार विहार, दिनचर्या, ऋतुचर्या, प्रकृति परीक्षण आदि 18 प्रकार का स्वास्थ्य सूचकांकों के माध्यम से समाज को निरोगी बनाना है। 18 सूचकांकों पर शत प्रतिशत प्राप्ति पर ही 11 लाख रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में निरोगी रहने, रोगों की रोकथाम करने और प्रकृति आधारित उपचार पद्धतियों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सरकार का प्रयास है कि हर नागरिक प्राकृतिक और संतुलित जीवन शैली अपनाकर स्वस्थ, सशक्त और ऊर्जा से भरपूर जीवन जी सके।
बैठक में जिले में आयुर्वेद विभाग के उप निदेशक डॉ. पवन शर्मा सहित पंचायती राज, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा विभाग, वन विभाग तथा सांख्यिकी विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
