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बीकानेर,महारानी सुदर्शना कन्या महाविद्यालय में आज अंकुश-2 अभियान के तहत नशे के खिलाफ जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में नगर विधायक जेठानंद व्यास भी मौजूद रहे। यह कार्यक्रम नंदलाल जोशी चैरिटेबल फाउंडेशन एवं मघाराम कुलरिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित हुआ। अभियान के तहत 50000 स्कूली छात्र छात्रों को नशे के खिलाफ जागरूक करने का लक्ष्य है। यह अभियान अब निरंतर गति पकड़ रहा है।

आयोजन के दौरान फाउंडेशन के संयोजक रविंद्र हर्ष ने विषय प्रवर्तन करते हुए बताया कि यह अभियान लगातार दूसरे वर्ष संचालित किया जा रहा है। पिछले वर्ष भी बड़े स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए थे और अब तक 35,000 से अधिक बच्चों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से बचाना समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों के माध्यम से ही हम बच्चों को सही दिशा दे सकते हैं।

विधायक जेठानंद व्यास ने कहा कि नशा सभी बुराइयों की जड़ है। नशे से न केवल व्यक्ति बर्बाद होता है बल्कि पूरा परिवार ही उजड़ जाता है। इसलिए नशे के खिलाफ समाज मे ऐसे आयोजन समय-समय पर होने जरूरी है इससे ही लोगों में जन जागरूकता आएगी और वह नशे के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
डूंगर कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ दिग्विजय सिंह ने छात्राओं को नशे के विरुद्ध जनजागरण अभियान को सार्थक और प्रभावी बताते हुए राष्ट्र निर्माण मे महत्वपूर्ण बताया।
कॉलेज प्रिंसिपल नवदीप सिंह बैंस ने कहां की नशावृति हमारे समाज को खोखला कर रही है। जन जागरण अभियान स्कूल और कॉलेज के बच्चों के लिए होने जरूरी है क्योंकि जब छात्राएं अपने घर में नशा लेने वाले परिजनों को टोकेगी तो शत प्रतिशत अभियान सफल होगा। नशावृत्ति भी रूकेगी।

जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारका प्रसाद पचीसिया ने कहा कि हमारे धर्म ग्रंथो में भी नशे को नर्क का द्वार बताया गया है। धर्म ग्रंथो में नशे से दूर रहने के अनेक उपाय भी बताए गए हैं। यदि हम अपने धर्म ग्रंथो को पढ़कर उसका अनुसरण करें तो भी नशा वृत्ति समाज से दूर हो जाएगी। पूर्व प्राचार्य दिग्विजय सिंह ने हमें अपने बच्चों में शुरू से ही नशा के खिलाफ संस्कार देने चाहिए। बच्चे जब अपनी समझ पकड़ने तो वह नशे से हमेशा दूर रहेंगे। उप जिला शिक्षा अधिकारी अनिल बोड़ा ने कहा कि बच्चों को यदि बचपन से ही खेल मैदान से जोड़ देंगे तो फिर वह कभी भी नशे की चपेट में नहीं आएंगे।

सहसंयोजक ज्योति प्रकाश रंगा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नशा आज समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। विद्यालय स्तर पर जागरूकता फैलाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यही वह उम्र है जब बच्चे सही और गलत का निर्णय लेना सीखते हैं। वहीं सहसंयोजक अनिल जोशी ने कहा कि नशा व्यक्ति ही नहीं, पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। इसलिए समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलकर इस अभियान को सफल बनाना होगा। उन्होंने कॉलेज प्रशासन, खेल प्रशिक्षकों एवं अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ें और नशे के खिलाफ सशक्त वातावरण तैयार करें। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन द्वारा खेलों के माध्यम से नशे के विरुद्ध जो सकारात्मक पहल की जा रही है, उससे न केवल खिलाड़ियों बल्कि विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिल रही है।

कार्यक्रम का संचालन प्रो सुनीता बिश्नोई ने किया। इस दौरान खेलकूद प्रभारी मीना शर्मा व्याख्याता अंजू सांगवा, जेपी व्यास, किशन चौधरी, सावन पारीक सहित अनेक लोग मौजूद थे।

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