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बीकानेर की लगभग हर सड़क और हर बाज़ार में ट्रैफिक जाम की स्थिति देखने को मिल रही है । मुख्य मार्ग हों या अंदरूनी गलियाँ  हर जगह बॉटल नेक बन चुके हैं। यह दृश्य बीकानेर जैसे शांत शहर के लिए बिल्कुल नया और चिंताजनक है।

इस अव्यवस्था के पीछे सबसे बड़ा कारण है
ऑटो चालकों, निजी वाहन चालकों और सड़क किनारे खड़े लारी–ठेला व सब्ज़ी विक्रेताओं में ट्रैफिक सेंस का पूर्ण अभाव।
उस पर बिना योजना के सड़क घेरकर किया जा रहा अतिक्रमण और अधूरे/अनियोजित निर्माण कार्य स्थिति को और बदतर बना रहे हैं।

परिणामस्वरूप—
आम नागरिक परेशान है,
व्यापार प्रभावित हो रहा है,
एम्बुलेंस व आपात सेवाओं को रास्ता नहीं मिल पा रहा,
और शहर की छवि को गहरी ठेस पहुँच रही है।

अब केवल अपीलों से काम नहीं चलेगा।
इस समस्या का एकमात्र प्रभावी समाधान है सख़्त प्रशासनिक कार्रवाई, यानी “योगी मॉडल” का अनुशासित और निर्भीक क्रियान्वयन।
• अतिक्रमण पर ज़ीरो टॉलरेंस
• नियम तोड़ने वालों पर तत्काल चालान व वाहन ज़ब्ती
• ऑटो व व्यावसायिक वाहनों के लिए तय स्टैंड
• सड़क पर अवैध बिक्री पर कठोर रोक
• निर्माण कार्यों की सख़्त निगरानी

अनुशासन ही समाधान है, और सख़्ती ही संवेदनशीलता।
यदि आज कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो कल बीकानेर भी स्थायी ट्रैफिक जाम का शिकार हो जाएगा।

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