बीकानेर,जयपुर, राजस्थान की राजधानी जयपुर शहर के 4 एटीएम से दो विदेशी महिलाओं ने कुछ दिन पहले 32 लाख रुपए पार कर लिए थे। यह पूरा मामला एसओजी तक पहुंचा तो जांच में सामने आया कि महज एक छोटे डिवाइस की मदद से वारदात को अंजाम दिया गया है। आरोपी नानटोंगो एलेकजेन्ड्रस निवासी युगांडा व लौरा कैथ निवासी गांबिया जुलाई महीने में भारत आई थीं।

बता दें कि वीडियो शहर के उन एटीएम के थे, जिनमें इन्होंने इस डिवाइस की मदद से रुपए निकाले। पहली बार इन युवतियों का एटीम में ठगी करते हुए का वीडियो सामने आया, जिसमें वह एटीएम के सर्वर को हैकर कैसे चंद मिनटों में इसे खाली कर रही है। आरोपी संडे कैलेची ने दिल्ली में एक डिवाइस को केवल 7 हजार रुपए में ऑनलाइन ही खरीदा था।जानकारी के अनुसार दोनों महिलाओं को दिल्ली में ट्रेनिंग देने के बाद जयपुर भेजा गया। इन युवतियों के पास रास्पबेरी-पाई डिवाइस एक छोटा सा कम्प्यूटर होता है। यह एक छोटे मदरबोर्ड की तरह काम करता है। इस पर एटीएम में ये आरोपी युवतियों जातीं और इस डिवाइस की मदद से सीधे ही एटीएम के सर्वर से कनेक्ट कर लेती थीं।

इसके बाद बैंक के सर्वर को हैक कर लिया जाता है। वाईफाई से एटीएम को कनेक्ट करते हैं। इससे नकली बैंक सर्वर तैयार कर लेते हैं। डिवाइस से कनेक्ट करने के बाद मशीन के अंदर कोई भी कार्ड डाल कर अमाउंट डाल दिया जाता है। फिर चंद मिनटों में एटीएम को खाली का दिया जाता है। एक ही बार में लाखों रुपए एटीएम से निकाल देते हैं। इसलिए पकड़ में नहीं आते हैं।बताया जा रहा है कि जब इस डिवाइस की मदद से एटीएम को हैक करते हैं तो वह एक कमांड की मदद से नकली बैंक सर्वर तैयार कर लेता है। जैसे ही सर्वर हैक होता है, बैंक तक यह अलर्ट मैसेज नहीं पहुंच पाता। जिससे दोनों युवतियों ने तीन मिनट में ही जयपुर के महेश नगर के एक एटीएम से 8 लाख 40 हजार रुपए निकाल लिए थे। फिलहाल अभी इस मामले की जांच पड़ताल जारी है।