










श्रीडूंगरगढ़,बीकानेर,खादी ग्रामोद्योग विकास समिति के पूर्व अध्यक्ष एवं गांधीवादी विचारक स्व. भूराराम सेरडिया की 24वीं पुण्यतिथि पर 9 मार्च को खादी समिति भवन श्री डूंगरगढ़ में श्रृद्धाजंलि सभा रखी गई । जिसमें दो मिनट का मौन रखकर पुष्पांजलि अर्पित कर सेरडिया को श्रृद्धाजंली दी गई । सभा को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार श्याम महर्षि ने कहा कि सेरडिया समाज के बहुत बड़े व्यक्तित्व थे, उन्होंने गांधीवादी विचारधारा के साथ लोककल्याण की भावना से रचनात्मक कार्यो में समाज एवं राष्ट्रहित में बड़ा योगदान दिया । सेरडिया ने खादी जगत को हमेशा निःस्वार्थ भाव से सेवाएं दी, ऐसे महान व्यक्तित्व के कार्य एवं निःस्वार्थ सेवाएं हम सब के लिए अनुकरणीय है । एडवोकेट श्याम सुन्दर आर्य ने सेरडिया द्वारा खादी जगत को दी गई सेवाओं को अनुकरणीय बताते हुए कहा कि खादी स्वतंत्रता आन्दोलन की जनक एवं एक विचारधारा रही है, इसे जीवित रखना चुनोतिपूर्ण हो रहा है । युवाओं को इसे बचाने हेतु आगे आना होगा । गांधी ने देश मे आत्मनिर्भता लाने एवं आमजन को तन ढकने के लिए खादी का आन्दोलन चलाया । जिसे आगे बढ़ाते हुए इस क्षेत्र में सेरडिया जी गांधीवादी विचारधारा के साथ सर्वोदय समाज के विकास हेतु आजीवन संघर्षरत रहे । कांग्रेस नेता विमल भाटी ने भावी पीढ़ी के लिए सेरडिया जी की संघर्ष एवं त्याग भावना को अनुकरणीय बताते हुए आमजन एवं युवाओं को खादी विचारधारा अपनाने का आह्वान किया । श्रंद्धाजलि सभा में युवा शक्ति को प्रोत्साहन हेतु संस्था द्वारा आयोजित सामान्य ज्ञान एवं निबन्ध प्रतियोगिता में अव्वल प्रतिभाओं को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया । श्रंद्धाजलि सभा मे क्रय विक्रय सहकारी समिति के अध्यक्ष तुलछीराम गोदारा, आयुर्वेद विभाग से सेवानिवृत्त उपनिदेशक प्रभुदयाल डेलू, भूराराम प्रजापत, कुम्भाराम गोदारा, श्रवण कुमार भामू, डालूराम कस्वां, परमेश्वरदास स्वामी, कुम्भाराम घिंटाला, धर्माराम कुकणा, जगदीश प्रसाद शर्मा, जयचन्द सेरडिया, राजु गुर्जर, रामनिवास महिया, भागुराम जाखड़, सुरजाराम महिया, केशराराम कड़वासरा, शिव पुरोहित, भंवरलाल जाखड़, दयानन्द बेनीवाल, अशोक गोदारा, रामनिवास जाखड़ सहित युवाओं एवं महिलाओं ने सेरडिया को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रंद्धाजली दी । भूराराम सेरडिया मेमोरियल संस्थान के संस्थापक सुशील सेरडिया ने सभी का आभार प्रकट किया।
