











बीकानेर,परमहंस परिव्राजकाचार्य अनन्त श्री विभूषित कृष्णागिरी शक्ति पीठाधिपति जगद्गुरु 1008 परम पूज्यपाद श्री वसन्त विजयानंद गिरी जी महाराज ने गुरुवार को कहा कि देवताओं की दृष्टि यज्ञ में पड़ती है और जो भक्त यज्ञ अनुष्ठान में भाग लेते हैं उन्हें ज्ञान, आरोग्य मिलने के साथ-साथ उसका जीवन सफल हो जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान की भक्ति ही वो बिजली है जो रोशनी लाती है और उसी से सुख का कनेक्शन होता है।
गंगाशहर रोड़ स्थित अग्रवाल भवन में त्रिदिवसीय यज्ञ अनुष्ठान में जगद्गुरु वसन्त विजयानंद गिरी जी महाराज ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि भजन करने से कल्याण और विलाप करने से मूर्खता आती है इसलिए भक्ति करो और जीवन में भगवान की कृपा पाओ। उन्होंने कहा कि कृष्णागिरी के भगवती के नाम का डोरा बनवा लो संसार का कोई कष्ट नजदीक नहीं आएगा और सर्वदा मंगल की ओर अग्रसर होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भगवती देखती है कि उसकी शरण में कौन आया। उन्होंने कहा कि भक्ति ही तय करती है कौन कहां पहुंचेगा। यज्ञ, पूजा विधान करने से ही न केवल मन में गलत आदतें खत्म होती है बल्कि व्यसन, पाप और कष्ट से भी मुक्ति मिलती है और सुख की ओर अग्रसर होते हैं।
जगद्गुरु वसन्त विजयानंद गिरी जी महाराज यह भी बोले कि शास्त्र कहते हैं महादेव, महादेव, महादेव नाम स्मरण से कल्याण होता है। पहली बार महादेव बोलने से मुक्ति के साथ-साथ अंतिम समय में सुख मिलता है और बाकी के दो बार महादेव नाम स्मरण से सदा के लिए महादेव हमारे ऋणी होते हैं। श्री पार्श्व पद्मावती सेवा ट्रस्ट कृष्णागिरी (तमिलनाडू) के ट्रस्टी गुरु भक्त डॉ संकेश जैन ने बताया कि जगद्गुरु वसन्त विजयानंद गिरी जी महाराज के सानिध्य में काशी के वेदपाठी विद्वान पंडितों द्वारा यज्ञ स्थल पर ही भगवान शिव, देवी पार्वती, पद्मावती माता, देवी लक्ष्मी, बटुक भैरव के साथ हनुमानजी की प्रतिमाएं स्थापित कर विधिवत् आह्वान, प्रतिष्ठा एवं मंडप पूजन के साथ अनुष्ठान संपन्न हुआ। जैन ने बताया कि देश के कई राज्यों पश्चिम बंगाल, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश के शहरों से श्रद्धालूओं ने तीन दिनों तक कार्यक्रम में भाग लिया।
