बीकानेर, भारत में लोकतंत्र स्थापित होने के बाद भले ही राजाओं से उनका राज-पाट छिन गया हो, लेकिन आज भी उनके वंशजों का शाही ठाठ देखा जा सकता है. फिर चाहे बात 21 साल की फैशनिस्टा प्रिंसेस गौरवी कुमारी की हो या फिर पोलो खेलने के शौकीन 23 वर्षीय राजकुमार पद्मनाभ सिंह की, जो D&G जैसे इंटरनेशनल ब्रांड के लिए कैटवॉक भी कर चुके हैं.ऑस्ट्रेलियाई इतिहासकार जॉन जुब्रजाइकी ने ‘हाउस ऑफ जयपुर’ नाम की किताब में जयपुर के शाही परिवार पर विस्तार से लिखा है. पद्मनाभ सिंह को साल 2011 में अनौपचारिक तौर पर जयपुर का नया महाराजा घोषित किया गया था. वह जयपुर के पूर्व शाही परिवार के सदस्य हैं और अरबों रुपए की संपत्ति के मालिक भी हैं. चूंकि भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य बन चुका है, इसलिए उनकी उपाधि की कानून द्वारा आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं है. लेकिन इस उपाधि का आज भी बहुत ज्यादा सम्मान किया जाता है. डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, पद्मनाभ सिंह फ्रांस की एक खूबसूरत ज्वैलरी डिजाइनर क्लैर डेरू को डेट कर रहे हैं. हालांकि, दोनों सोशल मीडिया पर अपनी एकसाथ तस्वीरें डालने से परहेज करते हैं. दुनिया में बहुत कम ऐसी हस्तियां हैं जो इस रॉयल क्लास फैमिली के स्टेटस से मेल खाती हैं. हाल ही में, दोनों की विदेश में छुट्टियां बिताने की कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं, प्रिंसेस गौरवी और क्लैर कई सालों से अच्छे दोस्त रहे हैं और लॉकडाउन में दोनों ने जयपुर स्थित महल में एक साथ काफी समय गुजारा है. प्रिंसेस गौरवी ने हाल ही में न्यूयॉर्क के एक कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया है. आइए आपको इस शाही परिवार के बारे में विस्तार से बताते हैं. इस शाही परिवार की देख रेख करने वाली 50 वर्षीय कुलमाता राजकुमारी दीया कुमारी हैं, जो जयपुर के महाराजा भवानी सिंह और सिरमुर की राजकुमारी पद्मिनी देवी की इकलौती संतान हैं. साल 2019 में ‘द वीक’ को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, ‘बचपन से मेरी परवरिश बेहद सामान्य ढंग से हुई. मेरे माता-पिता ने मुझे हमेशा यही सिखाया कि मैं दूसरों से ऊपर नहीं हूं. जाने- क्या है पूरा मामला 1998 में उन्होंने ठिकाना कोठारा (शिवद) के महाराज नरेंद्र सिंह से गुपचुप तरीके से शादी करने से पहले लंदन के एक कॉलेज से पढ़ाई की थी. साल 2018 में दोनों का तलाक हो गया. दोनों के तीन बच्चें भी हैं. पद्मनाभ सिंह और गौरवी कुमारी इन्हीं दोनों की संतान हैं. 2013-18 तक विधानसभा के सदस्य के रूप में कार्यरत रहीं दीया कुमारी अब राजसमंद (राजस्थान) से पार्लियामेंट की सदस्य बन चुकी हैं. हालांकि इतिहास, कला और संगीत के प्रति उनका लगाव आज भी देखा जा सकता है. परिवार की देखभाल के साथ-साथ वह ‘प्रिंसेस दीया कुमारी फाउंडेशन’ से भी जुड़ी हैं जो गरीब पृष्ठभूमि की महिलाओं को प्रशिक्षित और सशक्त बनाने की ओर अग्रसर है. महाराजा पद्मनाभ सिंह की लग्जीरियस लाइफ की कुछ झलकियां उनके इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से भी देखी जा सकती हैं. अपने दादाजी भवानी सिंह की तरह पद्मनाभ भी एक जबर्दस्त पोलो प्लेयर हैं. वह 2017 में विश्व कप पोलो टीम के सबसे कम उम्र के सदस्य और इंडियन ओपन पोलो कप के सबसे कम उम्र के विजेता भी रह चुके हैं. इंस्टाग्राम पर पद्मनाभ सिंह के करीब 1 लाख 30 हजार फॉलोअर्स हैं, जहां उनका शाही अंदाज और पोलो के प्रति जूनून साफ देखा जा सकता है. एक तस्वीर में वह प्रिंस विलेम एलेक्जेंडर, प्रिंसेस मैक्सिमा और उनके बच्चों सहित डच शाही परिवार के साथ घूमते दिखाई दे रहे हैं. एक स्टाइलिश राजकुमार होने के साथ-साथ पद्मनाभ काफी धार्मिक भी हैं. वह हर साल नवरात्रि के बाद मनाए जाने वाले विजयदशमी के त्योहार में भी शिरकत करते हैं. 5 साल पहले 18 वर्ष का होने पर उन्होंने कई मंदिरों का दौरा किया था और वहां जाकर अपने हाथों से कई रीति-रिवाज संपन्न किए थे. पद्मनाभ ने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से लिबरल आर्ट्स में पढ़ाई की है. वहीं बात करें प्रिंसेस गौरवी कुमारी की तो बिजनेस फैशन और मीडिया की पढ़ाई खत्म कर चुकी हैं. अपने इंस्टाग्राम पर वह काफी ज्यादा एक्टिव हैं जहां उन्हें करीब 38 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं. इंस्टाग्राम पर उनके फैशन सेंस को आप करीब से देख सकते हैं. लॉकडाउन में उन्होंने अपनी मां और भाई बहनों के साथ काफी अच्छा समय गुजारा है. दीया कुमारी के सबसे छोटे बेटे का नाम है लक्ष्य राज सिंह. लक्ष्य 17 साल के हैं और अपने बड़े भाई-बहन के विपरीत सोशल मीडिया पर कम ही एक्टिव रहना पसंद करते हैं. साल 2013 में जब लक्ष्य की उम्र महज 9 साल थी, तब उन्हें हिमाचल प्रदेश के एक जिले सिरमौर का महाराजा घोषित कर दिया गया था. लक्ष्य राज को एक बड़ा फुटबॉल प्रशंसक माना जात है और वह फुटबॉल क्लब चेल्सी को सपोर्ट करते हैं. डच रॉयल फैमिली के साथ तस्वीरों में उन्हें भी देखा जा सकता है और भाई-बहन की तरह उन्हें भी घूमने-फिरने का काफी शौक है.राजा राजाओं के वंशजों का शाही ठाठ जयपुर का शाही परिवार