












बीकानेर,बीकानेर गोचर को लेकर चल रहे आंदोलन और बीकानेर की जनता का दिल खोलकर समर्थन की बदौलत भाजपा सरकार ने लिखित में गोचर छोड़ने एक फैसला किया जो कि स्वागत योग्य है और बीकानेर की जनता इसके लिए बधाई की पात्र है लेकिन लेकिन
जब भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी विश्नोई प्रेस वार्ता करके जानकारी दे रहे थे उसमें उन्होंने जोर देकर एक बात कही कि पांच हजार चार सौ अठारह हेक्टेयर जमीन गोचर की है और उसमें छेड़छाड़ नहीं होगी
अब बात ये है कि 5418 हेक्टेयर को बीघा में जब तब्दील किया तो आंकड़ा आता है 21418 से 21438 बीघा यानी जो गोचर आंदोलन 40 हजार बीघा के लिए किया गया उसने से गोचर के लिए भाजपा सरकार ने छोड़ी कुल जमीन लगभग साढ़े 21 हजार बीघा यानी साढ़े अठारह हजार बीघा जमीन उसमें से सरकार ने ली है अब गौ आंदेलन के अग्रणी गौ सेवक से बात की तो उन्होंने कहा कि दो से ढाई हजार बीघा पर विश्वविद्यालय और जीएसएस बना है उसको तीन हजार बीघा भी मान ले तो भी साढ़े पन्द्रह हजार बीघा गोचर की जमीन कहा गई ये सवाल तो बनता है
या तो शुरुआती चरण में 40 हजार बीघा जमीन का बीकानेर की जनता को जो कहा गया गौ आंदोलन करने वालो द्वारा वो गलत था
या फिर सरकार ने जो फैसला लिया उसने साढ़े पन्द्रह सोलह हजार बीघा गोचर जमीन को दबा लिया गया है तो फिर कही गोचर आंदोलन के अग्रणी और सरकार के बीच कोई गुपचुप फैसला हुआ है जिसको गोचर की जीत बताया जा रहा है
बीकानेर की जनता के सामने स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए कि सरकार ने कितनी जमीन अपने नाम लेकर बाकी जमीन गोचर की छोड़ी है सवाल है जवाब भी होना चाहिए
