











बीकानेर, राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर में *प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में निदेशक, कोष एवं लेखा संध्या शर्मा से मिलकर शिक्षकों की रिकवरी रुकवाने एवं उनका रुका हुआ वेतन दिलाने तथा न्यायालय निर्णय अनुसार वसूली स्थगन की स्थिति में बकाया वेतन भुगतान को लेकर बीकानेर कोषाधिकारी धीरज जोशी से संगठन शिष्टमंडल प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य ने मिलकर विपत्र पारित करने की मांग की।
अतिरिक्त महामंत्री बसन्त जिन्दल एवं प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य* ने बताया कि सत्र 2019 से 2023 के मध्य क्रमोन्नत विद्यालयों में पदों का आवंटन नहीं होने के कारण इन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का वेतन अन्यत्र विद्यालयों से आहरित किया गया था। वर्तमान में शहरी क्षेत्र में कार्यरत जिन शिक्षकों का वेतन ग्रामीण क्षेत्रों से आहरित किया गया उनके मकान किराया भत्ता तथा शहरी भत्ते की रिकवरी की जा रही है और रिकवरी ना कराने पर वेतन रोका जा रहा है। विडम्बना है कि उन शिक्षकों की भी रिकवरी की जा रही है जो इस दौरान स्थानांतरण पर शहरी क्षेत्र से ग्रामीण क्षेत्र में गए थे। नियम अनुसार 6 माह तक उन्हें ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत होते हुए शहरी क्षेत्र का मकान किराया भत्ता आहरित किया जाना था अब उसकी भी रिकवरी की जा रही है । निदेशक कोष एवं लेखा ने संगठन शिष्टमंडल को आश्वासन दिया कि वे इस विषय में सकारात्मक कदम उठाएंगी।
*बीकानेर में कोषअधिकारी धीरज जोशी से प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य* के नेतृत्व में माननीय न्यायालय द्वारा वसूली स्थगन के निर्णय की स्थिति में वेतन विपत्र पारित करने का आग्रह किया गया।
आचार्य ने कोषाधिकारी को अवगत करवाया कि माननीय न्यायालय द्वारा वसूली स्थगन आदेश के बाद संबंधित आहरण वितरण अधिकरियों द्वारा बकाया वेतन के विपत्र भेजे जाने की स्थिति में कार्यालय स्वीकृति लगाने के अस्पष्ट आक्षेप लगाए जाने के कारण विपत्र पुनः लौटाए जा रहे है जो निर्णय की भावना के विपरीत है।
आचार्य ने ज्ञापन में यह भी अवगत करवाया कि शिक्षकों को 03 माह से वेतन नहीं मिल रहा है जिस कारण से काफी परेशानी हो रही है।
कोषाधिकारी ने शासन स्तर पर भी इस विषय को लेकर चर्चा की बाद में शिष्टमंडल को आश्वस्त किया कि वेतन विपत्र को लेकर लगाए जा रहे आक्षेपों पर माननीय न्यायालय निर्णय के अनुरूप पालना की जाएगी।
