












बीकानेर,बीकानेर रेल मंडल के चूरू-सादुलपुर रेलखंड में शनिवार को मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त ई श्रीनिवास द्वारा दूधवाखारा से चूरू तक स्पीड ट्रायल किया गया।
निरीक्षण के दौरान लगभग 29 किलोमीटर लंबे इस खंड पर ई श्रीनिवास ने से चूरू से दूधवाखारा तक स्वचालित ट्रॉली से पहुंचे एवं दूधवाखारा तक स्पीड ट्रायल सीसीआरएस स्पेशल से 121 किमी की स्पीड से सफल ट्रायल किया। ट्रायल सफल रहने के उपरान्त CRS ई निवास ने 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से ट्रेन चलाने की अनुमति प्रदान की।
निरीक्षण के दौरान सीसीआरएस ई निवास ने सुरक्षा मानकों, तकनीकी पहलुओं तथा ट्रैक की गुणवत्ता का बारीकी से अवलोकन
किया ।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में रतनगढ़ से चूरू तक डबल लाइन थी एवं चूरू से दूधवाखारा तक सिंगल लाइन थी, अब चूरू से दूधवाखारा तक डबल लाइन पर गाड़ी चलाने की अनुमति मिलने से रेलवे कम समय में अधिक गाड़ियां चला सकेगा एवं अधिक माल का परिवहन कर सकेगा जिससे रेलवे की आय में वृद्धि होगी।
रतनगढ़ से सादुलपुर के मध्य 73 किलोमीटर रेलवे लाइन का दोहरीकरण हो चुका है।
उक्त स्पीड ट्रायल दोहरीकरण परियोजना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे इस मार्ग पर ट्रेनों की गति, संख्या तथा संचालन क्षमता में वृद्धि होगी। आने वाले समय में यात्रियों को तेज और सुरक्षित यात्रा सुविधा प्राप्त होगी।
इस सफल स्पीड ट्रायल के दौरान बीकानेर मंडल रेल प्रबंधक गौरव गोविल, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी अंकुर झिंगोनिया, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक जयप्रकाश,सीनियर DSTE रण सिंह गोदारा, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर इंजीनियर (दक्षिण) अमन अग्रवाल, सीनियर DEE TRD जितेंद्र कटारिया, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (सामान्य) आदित्य लेघा, डिप्टी चीफ इंजीनियर विजय सिंह,चीफ इंजीनियर , वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक भूपेश यादव, सहित रेलवे के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
