











बीकानेर, राजीविका और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में ग्रामीण हाट में 5 से 11 फरवरी तक सात दिवसीय ‘राजसखी मेले’ का आयोजन किया जाएगा। जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने गुरुवार को मेले के पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देने का एक प्रयास साबित होगा, जिससे महिलाओं द्वारा निर्मित स्थानीय ग्रामीण उत्पादों को बड़ा बाजार और पहचान मिल सके।
जिला परियोजना प्रबंधक दिनेश चंद्र मिश्रा ने मेले की रूपरेखा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस बार मेले में राजस्थान के साथ अन्य राज्यों के महिला स्वयं सहायता समूहों की 70 से अधिक स्टॉल्स लगाई जा रही हैं। मेले में ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित उत्कृष्ट हस्तशिल्प, कशीदाकारी के परिधान, मिट्टी और लकड़ी के कलात्मक खिलौने उपलब्ध रहेंगे। इसके साथ ही, पारम्परिक राजस्थानी व्यंजनों के स्टॉल और प्रतिदिन आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम इस मेले के मुख्य आकर्षण होंगे।
मेले का समय प्रतिदिन प्रातः 11 से रात्रि 9 बजे तक रहेगा। यह आमजन के लिए प्रवेश पूर्णतः नि:शुल्क होगा। जिला कलेक्टर ने अधिक से अधिक लोगों से इसमें भागीदारी का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि नागरिकों द्वारा की गई खरीदारी से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक संबल मिलेगा। वे आत्मनिर्भरता की ओर सशक्त रूप से आगे बढ़ सकेंगी।
