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बीकानेर,जयपुर,नीरजा मोदी स्कूल एवं निजी स्कूल संगठनों के भ्रामक प्रचार का सहभागी बनकर कुछ अधिकारी एवं व्यापारीवर्ग के अभिभावकों द्वारा निजी स्वार्थ के चलते शनिवार को नीरजा मोदी स्कूल के गेट नंबर–3 पर किया गया विरोध प्रदर्शन न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा के प्रति उनकी घोर असंवेदनशीलता को भी उजागर करता है। अमायरा की मृत्यु पर एक केंडल तक न जलाने वाले अभिभावक आज स्वयं के बच्चों के भविष्य पर संकट का हवाला देकर एकजुटता का दिखावा कर रहे हैं और सीबीएसई बोर्ड के न्यायसंगत निर्णय का विरोध कर रहे हैं।

संयुक्त अभिभावक संघ ने स्पष्ट किया कि सीबीएसई बोर्ड के आदेश में साफ कहा गया है कि स्कूल में अध्ययनरत किसी भी विद्यार्थी के शैक्षणिक भविष्य पर कोई संकट नहीं आएगा। बच्चों का भविष्य तभी सुरक्षित रह सकता है जब उनका वर्तमान सुरक्षित हो।

संघ ने कहा कि पिछले दो माह से अमायरा के माता-पिता न्याय के लिए रो रहे हैं। यदि आज सीबीएसई बोर्ड के निर्णय का विरोध किया गया, तो कल किसी अन्य अभिभावक को भी अमायरा जैसी पीड़ा न झेलनी पड़े—यही इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा सबक है।

संयुक्त अभिभावक संघ ने दो टूक कहा कि नीरजा मोदी स्कूल पर की गई कार्यवाही उसी लापरवाही, मनमानी और गैर-जिम्मेदाराना रवैये का परिणाम है, जिसका स्कूल प्रशासन ने स्वयं निमंत्रण दिया। यदि अमायरा की मृत्यु की जिम्मेदारी ली जाती, सबूत नष्ट नहीं किए जाते, अभिभावकों के प्रति संवेदनशीलता दिखाई जाती और जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग किया जाता, तो संभवतः स्कूल को मान्यता रद्द होने जैसा खामियाजा नहीं भुगतना पड़ता।

*संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा -* “सीबीएसई बोर्ड का निर्णय पूरी तरह न्यायसंगत और बच्चों की सुरक्षा के हित में है। इसका विरोध करने वाले अभिभावक यह समझ लें कि निजी स्वार्थ के लिए यदि स्कूलों की मनमानी को बढ़ावा दिया गया, तो इसका खामियाजा किसी भी बच्चे को भुगतना पड़ सकता है। यह निर्णय उन सभी के लिए सबक है जो आंख मूंदकर स्कूल माफिया का साथ देते हैं।”

संयुक्त अभिभावक संघ ने सीबीएसई बोर्ड के निर्णय का स्वागत करते हुए सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी दबाव या भ्रम में आए बिना बच्चों की सुरक्षा, न्याय और जवाबदेही के पक्ष में मजबूती से खड़े हों।

 

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