बीकानेर। राजस्थान के कोरोना वारियर्स सेवारत चिकित्सकों की 10 वर्षो से प्रमुख लंबित मांग राजस्थान मेडिकल सर्विस कैडर के प्रस्ताव को डॉ के के शर्मा, निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जयपुर ने सरकार को भिजवाए है। गौरतलब है कि दिनांक 15 जून 2021 को स्वास्थ्य भवन में निदेशक की अध्यक्षता व अरिस्दा प्रदेशाध्यक्ष की उपस्थिति में कैडर समिति की बैठक में आरएमएस कैडर का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने का निर्णय हुआ था जिसमें कमेटी के अन्य सदस्य एवं संघ के पदाधिकारी डॉ वी पी मीना व डॉ फरियाद मोहमद भी उपस्थित थे।

अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं आइएमए सर्विस डॉक्टर्स विंग राजस्थान के सचिव डॉ सुनील हर्ष ने बताया कि अरिस्दा संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ लक्ष्मण सिंह ओला, प्रदेश महासचिव डॉ दुर्गा शंकर सैनी एवं संगठन पदाधिकारियों के निरंतर प्रयासों एवं निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ के के शर्मा के संज्ञान की वजह से दस सालों से लंबित मांग पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह कार्यवाही की गई।

अरिस्दा बीकानेर जिलाध्यक्ष एवं संयुक्त निदेशक डॉ देवेंद्र चौधरी ने बताया कि राजस्थान के सेवारत चिकित्सको ने कैडर की मांग को लेकर 2011 व 2017 में आंदोलन भी किया था जिस पर सरकार ने दोनों बार कैडर बनाने को लेकर अरिस्दा संघ के साथ समझौते किए थे लेकिन समझौता लागू न होने और कैडर गठन और लागू करने में देरी की वजह से कोरोना वारियर सेवारत चिकित्सकों मे निराशा का माहौल था।

अरिस्दा बीकानेर सचिव डॉ सी एस मोदी ने बताया कि कैडर को लेकर निदेशालय का यह एक बड़ा कदम है, जिससे बीकानेर के सेवारत चिकित्सकों मे खुशी है और उन्हें राज्य सरकार से उम्मीद है कि इसे जल्द से जल्द प्रदेश मे लागू कर एक जुलाई को डॉक्टर्स डे पर प्रदेश के कोरोना वारियर्स सेवारत चिकित्सकों को सम्मानित किया जाएगा।