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बीकानेरसंभाग के सबसे बड़े अस्पताल पीबीएम के ट्रॉमा सेंटर में अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि गंभीर रूप से घायल मरीजों को भी स्ट्रेचर नसीब नहीं हो रहा है। ट्रॉमा सेंटर की लिफ्ट और रैंप दोनों एक साथ खराब होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
भाजपा जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट अशोक प्रजापत ने बताया कि लिफ्ट खराब होने और रैंप की स्थिति जर्जर होने पर पिछले 5-7 माह से निर्माण और मरम्मत का कार्य चल रहा है जिसकी वजह से मरीजों को एक्स-रे (X-Ray) और अन्य जांचों के लिए ऊपरी मंजिल से नीचे लाने का कोई साधन नहीं बचा है। स्थिति इतनी भयावह थी कि परिजनों को मजबूरन अपने मरीजों को कंधों पर और हाथों में उठाकर सीढ़ियों से नीचे लाना पड़ा। एक भारी मरीज को तो 10 लोगों ने मिलकर बड़ी मुश्किल से नीचे उतारा। यह न केवल अमानवीय है बल्कि गंभीर मरीजों की जान के लिए खतरा भी है।
इस गंभीर समस्या को लेकर एडवोकेट अशोक प्रजापत ने सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा और पीबीएम अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया से भी बात की गई है और उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया है। प्रशासन से मांग की गई है कि:
1. ट्रॉमा सेंटर की लिफ्ट को युद्धस्तर पर तुरंत ठीक करवाया जाए।
2. रैंप की मरम्मत करवाई जाए ताकि स्ट्रेचर आसानी से आ-जा सकें।
3. जब तक लिफ्ट ठीक नहीं होती, तब तक मरीजों को ले जाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था (जैसे पोर्टेबल एक्स-रे या ग्राउंड फ्लोर पर सुविधा) सुनिश्चित की जाए।
यदि प्रशासन ने इस ओर तुरंत ध्यान नहीं दिया, तो मरीजों के साथ हो रही इस लापरवाही के लिए ज़िम्मेदार लोगों की शिकायत ऊपर तक की जाएगी प्रशासन को कुंभकर्णी नींद से जागकर संभाग के सबसे बड़े ट्रॉमा सेंटर की सुध लेनी चाहिए।

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