











बीकानेर,खेजड़ी बचाने के लिए बीकानेर से शुरू हुआ आंदोलन अब हनुमानगढ़,श्रीगंगानगर और जालोर तक पहुंच गया है। इन जिलों में लोगों की ओर से धरने दिए जा रहे हैं। इधर,बीकानेर में बिश्नोई धर्मशााला के सामने चल रहना आमरण अनशन सरकार के लिखित आश्वासन पर चौथे दिन खत्म हो गया। हालांकि महापड़ाव अब भी जारी है।आमरण पर साधु संत बोले अनशन खत्म हुआ है महापड़ाव जारी रहेगा जब तक कानून नहीं बनेगा आंदोलनकारियों ने साफ किया है कि कानून बनने तक धरना और क्रमिक अनशन चलता रहेगा। बता दें कि कल सरकार के मंत्री केके बिश्नोई और जसवंत बिश्नोई की मौजूदगी में संतों ने अनशन तोड़ा था। इस दौरान पूरे राजस्थान में खेजड़ी कटाई पर रोक की बात को लेकर विवाद का माहौल बन गया था। इसके बाद रात करीब एक बजे सभी अनशनकारियों ने भी अपना अनशन तोड़ दिया था। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे महंत सच्चिदानंद आचार्य ने कहा कि-क्रमिक अनशन में प्रतिदिन नए पर्यावरण प्रेमी शामिल होंगे। आमरण अनशन भले ही समाप्त कर दिया गया हो, लेकिन महापड़ाव लगातार जारी रहेगा और कानून बनने तक आंदोलन रुकेगा नहीं। वही धरने पर बैठे रामगोपाल विश्नोई ने बताया कि घोषणा से पहले अधिकारियों से चर्चा की बात कही गई थी,लेकिन ऐसा नहीं किया गया। यदि हमारी मांगों के अनुरूप एक्ट नहीं आता है तो हमारा महापड़ाव जारी रहेगा।अब भी खेजड़ी लगातार काटी जा रही है। हम कैसे विश्वास करें कि खेजड़ी कटाई पर रोक लग जाएगी। हमारी मांग है कि खेजड़ी कटाई पर पूरे राजस्थान में रोक लगाई जाए। जब तक ट्री एक्ट लागू नहीं हो जाता हमारा संघर्ष और धरना जारी रहेगा।
