बीकानेर ,भगवान शिव की पूजा अर्चना और व्रत अनुष्ठान का महीना सावन शनिवार से शुरू हो गया। पूरे 1 माह तक शिव भक्त भगवान भोलेनाथ की प्रसन्नता के लिए अभिषेक पूजन करेंगे। इस दौरान भगवान शिव का जल, गंगाजल, दुग्ध, दही, शहद, पंचामृत, बेलपत्र, से अभिषेक कर पूजन सामग्री से पूजन कर महाआरती करेंगे। सावन में शिवालय सहित घर-घर में महादेव के अभिषेक पूजन भजन कीर्तन और स्तुति गान के आयोजन होंगे। कई श्रद्धालु सवा लाख पार्थिव शिवली शिवलिंग निर्माण पूजन अनुष्ठान करेंगे। इसमें पवित्र नदियों और तालाबों की मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग बनाकर उनका अभिषेक पूजन कर महाआरती की जाएगी। घर परिवार की सुख समृद्धि संतान प्राप्ति की कामना को लेकर महिलाएं मां पार्वती स्वरूप मंगला गौरी का पूजन करती है। सावन मास के प्रत्येक मंगलवार को मंगला गौरी व्रत पूजन का आयोजन होता है पंडित के अनुसार मिट्टी में मां पार्वती की प्रतिमा बनाकर उनका पूजन किया जाता है। महिलाएं मंगलागौरी की कथा सुनाती है विविध पूजन सामग्री से मंगला गौरी का पूजन होता है। बालिकाएं अच्छे वर और घर की कामना को लेकर मंगला गौरी को व्रत पूजन करती है। शिव उपासना का विशेष महत्व सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा उपासना का धर्म ग्रंथों में विशेष महत्व बताया गया है। शिव भक्त मनवांछित फल की कामना को लेकर विभिन्न पदार्थों से भगवान शिव का अभिषेक रुद्रीपाठ के वेद मंत्रों के उच्चारण के बीच करते हैं।