












बीकानेर,महाराणा प्रताप के देशभक्ति , त्याग , मातृभूमि के प्रति जज्बा और युद्ध कौशल को भुलाया नहीं जा सकता । उन्होंने मातृभूमि के लिए परिवार के साथ जंगलों में भूखे प्यासे रहकर भी अपनी मातृभूमि के लिए प्राण न्योछावर कर दिए । “हूं लड़यो घनों, हूं सहयों घनों, मेवाड़ी मान बचावन ने, मैं पाछः नहीं राखी रण में, बेरियां रो खून बहावण ने ” ।
आज आयोजित क्षत्रिय सभा एवं ट्रस्ट बीकानेर संभाग द्वारा आयोजित वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप जी की 429 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर सभा के अध्यक्ष करण प्रताप सिंह सिसोदिया ने व्यक्त किये ।
सभा को संबोधित करते हुए सभा के वरिष्ठ सदस्य भंवर सिंह उदट ने महाराणा प्रताप को सच्चा देशभक्त , मातृभूमि का लाडला, युद्ध कौशल में माहिर वीर योद्धा की रण नीति पर प्रकाश डाला ।
इस अवसर पर क्षत्रिय सभा के अमर सिंह हाडला, रणवीर सिंह नोखड़ा, गिरधारी सिंह खिंदासर, तेजू सिंह मेलिया, जितेंद्र सिंह राजियासर, ओंकार सिंह मोरखाना, गंगा सिंह परिहार, संदीप सिंह, नरेंद्र सिंह आबडसर , कुलदीप सिंह, करणी कन्या छात्रावास की छात्राएं , राजपूत हॉस्टल के छात्र एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे ।
सभा का संचालन करते हुए क्षत्रिय सभा एवं ट्रस्ट बीकानेर संभाग के प्रवक्ता प्रदीप सिंह चौहान ने सभा में पधारे सभी जन का धन्यवाद ज्ञापित किया ।
प्रदीप सिंह चौहान, प्रवक्ता, क्षत्रिय सभा एवं ट्रस्ट बीकानेर संभाग ।
