












बीकानेर,, राजस्थान सरकार के राष्ट्रीय पैलिएटिव केयर कार्यक्रम के अंतर्गत गंभीर और असाध्य रोगों से पीड़ित मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है। बीकानेर में ‘होम बेस्ड पेलिएटिव केयर’ कार्यक्रम के तहत कैंसर, किडनी फेल्योर, हृदय रोग, स्ट्रोक, लकवा, एड्स और अन्य गंभीर या असाध्य बीमारियों से पीड़ित अनेक गंभीर मरीजों का घर पर ही इलाज किया जा रहा है जो अस्पताल जाकर इलाज कराने में असमर्थ हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध ने बताया कि इस सेवा का मुख्य उद्देश्य यह है कि असाध्य रोगों से पीड़ित मरीजों को अंतिम समय में अस्पताल में अकेले ना रहना पड़े। वे अपने परिवार के बीच रहकर मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से सहज महसूस करें। इलाज के इस तरीके से न सिर्फ मरीज को आराम मिलेगा, बल्कि उनके परिजन भी राहत महसूस करेंगे, क्योंकि उन्हें बार-बार अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा। पैलिएटिव केयर सिर्फ दवाओं तक सीमित नहीं है, इसमें मरीज को मानसिक तनाव, अवसाद और चिंता से बाहर निकालने के लिए काउंसलिंग भी शामिल है।
डिप्टी सीएमएचओ स्वास्थ्य डॉ लोकेश गुप्ता ने बताया कि होम बेस्ड पेलिएटिव केयर कार्यक्रम के तहत कैंसर, हृदय रोग, किडनी और लीवर की गंभीर बीमारी, न्यूरोलॉजिकल समस्याएं और वृद्धावस्था में मल्टीपल क्रॉनिक बीमारियों से ग्रसित मरीजों को घर बैठे ही इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। जानकारी मिलने पर योजना के तहत नर्सिंगकर्मी मरीज के घर जाकर न केवल उसकी स्थिति की जांच करते हैं, बल्कि डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाओं का सही तरीका भी बताते हैं। यदि मरीज की हालत ज्यादा बिगड़ती है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर दवाओं में बदलाव भी किया जाता है। ब्लॉक वाइज इस प्रकार के मरीजों की नाम सूची तैयार की जा रही है ताकि शेड्यूल बनाकर क्रम से सेवाएं दी जा सके।
*अब तक 292 मरीज लाभांवित*
डॉ. गुप्ता ने बताया कि विशेष रूप से प्रशिक्षित टीम द्वारा अब तक जिले के 292 मरीजों को घर जाकर स्वास्थ्य सेवा प्रदान की जा चुकी है। फॉलो अप सेवाएं भी दी जा रही है। खण्ड स्तर पर चिकित्साकर्मियों के प्रशिक्षण के उपरांत अन्य मरीजों को भी घर पर जाकर चिकित्सा सुविधा दी जा सकेगी।
*इन्हें मिला प्रशिक्षण*
डॉ. गुप्ता ने बताया कि इस विशेषज्ञ कार्य के लिए जोधपुर एम्स से बीकानेर के विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर सुभाष वर्मा, रामावतार जाट व कृष्णकांत तथा एक मल्टीटास्क वर्कर चन्द्रपाल को विशेष प्रशिक्षण दिलवाया गया है। इसके अलावा प्रत्येक उपजिला चिकित्सालय में चिकित्सकों एवं प्रत्येक ब्लॉक से नर्सिंग ऑफिसर्स एवं स्टॉफ को भी प्रशिक्षण दिलवाया जा रहा है ताकि पेलेटिव केयर में मरीजों को व्यापक, प्रभावी, शीघ्र एवं घर के नजदीक ही चौबीस घंटे स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करवाई जा सके।
