










बीकानेर,शीतला अष्टमी (बसौड़ा) आज मनाई जा रही है, इस दिन माता शीतला को एक दिन पहले बना बासी ठंडा भोजन (बसोड़ा) अर्पित किया जाता है और सुबह 6:36 से शाम 06:27 बजे के बीच पूजा का उत्तम समय है।
हिंदू धर्म में शीतला अष्टमी का पर्व विशेष आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। होली के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को शीतला माता की पूजा का विधान बताया गया है। धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शीतला माता को रोगों की देवी माना जाता है, जो अपने भक्तों को विभिन्न रोगों और कष्टों से रक्षा प्रदान करती हैं। देवी शीतला मां पार्वती का ही स्वरूप हैं। मान्यता है कि इस दिन माता की विधि-विधान से पूजा करने और कुछ विशेष नियमों का पालन करने से घर में सुख, शांति और आरोग्य बना रहता है। कई स्थानों पर इस दिन माता को बासी या ठंडे भोजन का भोग लगाया जाता है, जिसे “बसौड़ा” कहा जाता है।
गरम या ताजा भोजन न खाएं- धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन ठंडा या बासी भोजन ही खाना चाहिए।
घर में चूल्हा या गैस न जलाएं- इस दिन नया भोजन बनाना वर्जित माना जाता है, इसलिए एक दिन पहले तैयार भोजन ही ग्रहण किया जाता है।
मंदिरों में सुबह 4:00 बजे से ही महिलाओं की कतार लग गई जो आज 10-11 बजे तक लगातार रहेगी शीतला माता का पूजन ठंडे जल से और रात का बना हुआ पर प्रसाद का भोग लगाया गया।वैज्ञानिक मान्यता यह भी है की बदलते मौसम में अभी तक एक दिन पुराना ठंडा रखा हुआ खाना भी खा सकते थे पर अब गर्मी के कारण वह नुकसानदायक हो सकती है इसलिए आज के बाद ठंडा खाना उचित नहीं होगा
